डीआईजी आरकेएस राठौर के स्कॉयड में तैनात एक सिपाही के चक्कर में बीएड छात्रा ने मौत को गले लगा लिया। छात्रा के पिता ने शादी से पहले दहेज मांगने और मानसिक रूप से बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए सिपाही के खिलाफ सुभाषनगर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
जागृति नगर निवासी रिटायर फौजी ब्रजपाल सिंह की पुत्री भावना उर्फ प्रिया भारती ने रविवार को विषाक्त पदार्थ खा लिया था। घरवालों को वह चौपुला के पास बेहोशी की हालत में मिली। जिसे एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। यहां बुधवार रात उसकी मौत हो गई। घरवालों ने सुभाषनगर पुलिस को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम में जहर के लक्षण पाये गए, पूर्ण पुष्टि के लिए विसरा प्रिजर्व कर दिया। छात्रा के पिता ने सुभाषनगर एसओ को तहरीर दी कि उनकी बेटी बचपन से ही किशोर बाजार में रहने वाले अपने नाना चंद्रपाल के घर रहती थी। करीब दो साल पहले डीआईजी स्कॉयड में तैनात सिपाही नरेंद्र प्रताप इसी मकान में किराये पर रहने आया। उसने शादी का झांसा देकर भावना को अपने जाल में फंसा लिया। पता चला तो नरेंद्र से शादी की बात की। तब उसने अपनी मजबूरियां जताते हुए पांच लाख रुपये मांगे। उन्होंने नरेंद्र से कहा कि वह अपने माता पिता से बात कराए। नरेंद्र टालता रहा पर बात नहीं कराई। तब उनके ससुरालियों ने सिपाही से मकान खाली करा लिया। वे बेटी को अपने घर ले आए। बावजूद नरेंद्र ने बेटी से मिलना जुलना जारी रखा। रविवार को बेटी ने उससे फोन पर बात की। तब नरेंद्र ने शादी से साफ इंकार कर दिया। तब परेशान भावना ने जहर खा लिया। ब्रजपाल सिंह की ओर से पुलिस ने सिपाही नरेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और शादी पूर्व दहेज मांगने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली। एसओ जेपी यादव ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने भी भावना के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस उन्हें भी विवेचना में शामिल करेगी। आरोपी के खिलाफ पुख्ता कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल में मंडराता रहा सिपाही
भावना के अस्पताल में भर्ती होने के बाद से सिपाही नरेंद्र काफी डरा हुआ था। वह लगभग रोज ही अस्पताल आया। इस बीच दो बार भावना से मिला भी। हालांकि भावना के घरवालों ने इस बात पर नाराजगी जताते हुए उसे उलाहना भी दिया कि उसी के चक्कर में भावना का ये हाल हुआ है।
होनहार स्टूडेंट थी भावना
दो बहनों में बड़ी भावना काफी होनहार स्टूडेंट थी। परिवारवालों ने बताया कि उसने अंग्रेजी से एमए किया था। फिलहाल एक निजी कालेज से बीएड कर रही थी। रिश्तेदारों का कहना था कि सिपाही के संपर्क में आने के बाद से उसका व्यवहार काफी बदल गया था। कई बार तो उसने घरवालों से जिद भी की कि वे नरेंद्र को रुपया दे दें। वो उससे शादी तो कर ही लेगा। हालांकि घरवाले जब नरेंद्र से अलग में बात करते तो वह पलट जाता था। कहता था कि पहले उनके दिए रुपयों से वह अपनी बहनों की शादी करेगा। फिर चार पांच साल बाद भावना से शादी कर पायेगा। घरवाले यह बात भावना को बताते तो वह विश्वास नहीं करती थी।