कुतबखाना मस्जिद को लेकर उठे विवाद पर उत्तर प्रदेश में सुन्नी बरेलवी मसलक की बड़ी खानकाहें एक होने लगी हैं। मस्जिद पर कब्जा दिलाने के लिए दिल्ली के जंतर मंतर पर दो जून को धरने की तैयारी है।
दरगाहे आला हजरत के पूर्व सज्जादानशीन मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) निवास पर सुबह से जिले भर के तमाम कस्बों और आसपास के शहरों के उलमा व मुरीद आते रहे। दूसरे शहरों से फोन भी आते रहे। दरगाह के सूत्रों ने बताया कि फोन पर ही खानकाह बरकातिया (मारहरा शरीफ), खानकाह अशरफिया (कछौछा शरीफ) आदि प्रमुख खानकाहों ने भी इस मसले पर साथ देने की बात कही है। तय किया गया कि बरेली की कुतुबखाना मस्जिद के मुद्दे पर इन खानकाहों के लोगों के साथ दरगाह आला हजरत की ओर से टीटीएस (तहफ्फुजे तहरीके सुन्नियत) के लोग दो जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देंगे।
दरगाहे आला हजरत के मुफ्ती सलीम नूरी ने बताया कि यह धरना इस बात को लेकर दिया जाएगा कि शासन या प्रशासन सीधे तौर पर बिना किसी अड़चन के मस्जिद सुन्नियों के कब्जे में दे। उन्होंने बताया कि अलहाज सुब्हानी मियां का कहना है कि जब प्रशासन और खुद देवबंद मसलक के लोग यह मान रहे हैं कि यह कागजों के एतबार से सुन्नियों की मस्जिद है तो प्रशासन देवबंदियों का कब्जा हटवाए। उन्होंने 1995 एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह जिलाधिकारी की जिम्मेदारी बनती है कि यदि किसी औकाफ पर अवैध कब्जा है तो उसे हटवाएं और उस औकाफ की जो कमेटी है, उसके हवाले करे। इसी मांग के तहत धरना दिया जाएगा।