बिजनौर के वर्धमान डिग्री कॉलेज के ओएसडी की कार से टप्पेबाज पुलिस लाइंस से पास बैग उड़ा ले गए। बैग में कॉलेज की संबद्धता और नियुक्ति से संबंधित दो फाइलें और चालीस हजार रुपये रखे थे। ओएसडी की तहरीर पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने टप्पेबाजों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
शुक्रवार को वर्धमान डिग्री कॉलेज के ओएसडी ओम दत्त आर्य अपने संस्थान के बाबू नितिन भारद्वाज के साथ क्षेत्रीय उच्चशिक्षा अधिकारी कार्यालय और एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्याल बरेली आ रहे थे। कार चालक मोनू चला रहा था। रास्ते में पुलिस लाइंस के पास कार में पंचर हो गया। मोनू ने कार को थोड़ा आगे बढ़ाकर पंचर जुड़वाना शुरू कर दिया। कार में गर्मी थी, इसलिए कॉलेज के ओएसडी और बाबू कार से नीचे उतर आए। कार में ब्राउन कलर के बैग रखा रह गया था। बैग में प्राचार्य और एक शिक्षक की नियुक्ति की अनुज्ञा लेने और संबद्धता की फाइलों के अलावा लिफाफे में 40 हजार रुपये रखे हुए थे। ओएसडी ने बताया कि वह कार के बराबर में खड़े थे। इस दौरान एक किशोर उनके पास आकर पता पूछने लगा। उन्होंने कहा कि वे बाहर के रहने वाले हैं, यहां की जानकारी नहीं है। कार की खिड़की का शीशा खुला था। किशोर उन्हें बातों में लगाए रहा, इसी बीच उसका साथी कार से बैग लेकर भाग गया। पंचर जुड़ने के बाद उन्होंने देखा तो कार से बैग गायब था। उन्होंने चौकी चौराहे पर पहुंचकर घटना की जानकारी दी। वहां से उन्हें कोतवाली भेज दिया गया। कोतवाली में ओएसडी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। लेकिन अभी तक टप्पेबाजों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।