विष्णु इंटर कॉलेज में फोटोग्राफी के शिक्षक संजीव कुमार ने कक्षा चार में पढ़ने वाली नौ साल की मासूम के कपड़े उतारकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। यह बच्ची बारादरी इलाके में संजीव की परचून की दुकान पर कुछ सामान खरीदने आई थी। उसके शोर मचाने पर संजीव ने उसे छोड़ दिया। घर लौटकर बच्ची ने बड़ी बहन को पूरा वाकया बताया जिसके बाद उसकी मां ने थाने जाकर शिक्षक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
गंगापुर में रहने वाले संजीव कुमार के घर में ही परचून की दुकान है। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे इलाके के एक पल्लेदार की नौ वर्षीय बेटी उसकी दुकान पर कुछ सामान खरीदने गई थी। बच्ची के मुताबिक संजीव ने दुकान पर ही उसके कपड़े उतार दिए और उसके साथ छेड़छाड़ की। उसके शोर मचाने पर उसे छोड़ दिया। करीब डेढ़ बजे घर लौटी बच्ची ने सारी बात अपनी बड़ी बहन को बताई। बड़ी बेटी से वाकया पता लगने के बाद बच्ची की मां और नानी शिकायत करने आरोपी शिक्षक के घर पहुंचीं।
बच्ची की मां के मुताबिक आरोपी संजीव ने पहले तो उनसे धीरे-धीरे बात करने को कहते हुए कुछ रकम लेकर बात रफादफा करने को कहा लेकिन बाद में संजीव, उसकी पत्नी और घरवाले उनसे हाथापाई करने लगे। इस पर वे थाने पहुंच गई। घटना की सूचना मिली तो समाजसेवी संस्था आशादीप की अध्यक्ष गीता शर्मा और सचिव प्रवीण भंडारी भी थाने आ पहुंची। उन्होंने पुलिस आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखकर कार्रवाई की मांग की। थाना बारादरी में सीओ असित श्रीवास्तव ने मासूम से पूछताछ की और उसके बाद आरोपी संजीव के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत छेड़छाड़ का मुकदमा लिखा दिया। प्रभारी निरीक्षक मुहम्मद कासिम ने बताया कि संजीव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भिजवा दिया गया है।
शिक्षक की पैरवी में खूब आए फोन
शिक्षक की पैरवी में नेताओं के अलावा भी शहर के कई और लोगों ने भी पुलिस को फोन किए लेकिन आरोप इतना गंभीर था कि पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। शिक्षक के पिता भी उसकी पैरवी कराने के लिए कई घंटे तक थाने में जमे रहे। पीड़ित परिवार के लोगों से वार्ता करके समझौता कराने की भी कोशिश की गई लेकिन पीड़ित परिवार के लोग नहीं माने। आरोपी संजीव कुमार का कहना था कि उसकी दुकान से कई बार चोरी हो चुकी है। उसने शक में बच्ची से पूछताछ की थी। इसी को तूल दे दिया गया। बोला, अगर गलत काम करता तो घर में क्यों बैठा रहता।