फरवरी 2014 में यहां एसडीएम सदर रहे रजनीश राय और सीओ डॉ. अरुण कुमार समेत छह लोगों के खिलाफ सीजेएम पंकज मिश्रा ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोप है कि इन लोगों ने कांग्रेस नेता जसवंत प्रसाद बब्बू के आवास 54 सिविल लाइंस पर जबरन कब्जा करने के लिए वज्र वाहन साथ लेकर बाउंड्री तोड़ दी और कीमती सामान उठा ले गए। बैनामा और अदालत का आदेश भी फाड़कर फेंक दिया।
जसवंत प्रसाद बब्बू ने सात मार्च 2014 को अधिवक्ता वेंक्टेश्वर सक्सेना के माध्यम से सीजेएम के कोर्ट में अर्जी देकर इन दोनों अधिकारियों के साथ गुरप्रीत सिंह, गिरधारी लाल पप्पू और शिवशंकर शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार की थी। इसमें कहा गया था कि उनके पड़बाबा पंडित हेतराम ने राजा माधवराव विनायक से 54 सिविल लाइंस परिसर खरीदा था जिसमें उनका आवास बना है और यह परिसर 13 अप्रैल 1880 से लगातार उनकी मिल्कियत है। आरोपियों ने साजिशन उनकी संपत्ति हड़पने की नीयत से एक दिसंबर 1998 के शासनादेश के जरिये भूमि को फर्जी तौर पर नजूल मानते हुए फ्री होल्ड की कार्रवाई कर दी मगर उन्होंने उच्च न्यायालय से यह शासनादेश निरस्त करा लिया। इसके बावजूद वर्ष 2001 में भूमाफिया ने जबरन कब्जे की कोशिश की लेकिन तत्कालीन एसएसपी के हस्तक्षेप से सफल नहीं हो सके। इसके बाद सन् 2003, 2012 और 2013 में भी उनके आवास पर कब्जे का असफल प्रयास किया गया। जसवंत प्रसाद का कहना है कि 24 फरवरी 2014 को दोपहर करीब एक बजे गिरधारी लाल पप्पू, शिवशंकर शर्मा आदि से साजिश करके गुरप्रीत सिंह के साथ एसडीएम रजनीश राय और सीओ डॉ. अरुण कुमार सिंह ने नाजायज कब्जा करने की कोशिश की।