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व्यापारी पर मेहरबानी के चक्कर में नपे कोतवाल

Fri, 01 May 2015 01:31 AM IST
बरेली
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डीजीपी अरविंद कुमार जैन की चिट्ठी के बाद बेलगाम हो रही पुलिस पर झटके से लगाम कसी गई है। अफसरों को गुमराह करने और तथ्यों को छिपाने के मामले में एसएसपी धर्मवीर यादव ने इंस्पेक्टर कोतवाली शक्ति सिंह के साथ दो दरोगाओं को लाइन हाजिर कर दिया। इंस्पेक्टर शक्ति सिंह पर शहर के एक बड़े कारोबारी के इशारे पर कोलकाता की एक फर्म के मालिक अवनीश शुक्ला के खिलाफ गुपचुप ढंग से मुकदमा दर्ज करने और फिर चौकी चौराहा पुलिस चौकी इंचार्ज अमित सिंह के जरिये पकड़वाकर बरेली लाकर जेल भेजने का आरोप है। इस कार्रवाई की शुरू से आखिर तक बड़े अफसरों को कोई जानकारी नहीं दी गई।
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समर्थ लोगों के इशारे पर नाचने जैसी मिसाल पेश करने वाला यह मामला करीब एक पखवाड़ा पुराना है। चौकी प्रभारी अमित सिंह कोलकाता से अवनीश शुक्ला को पकड़ने के बाद हवाई जहाज से लेकर दिल्ली पहुंचे जहां से उन्हें ट्रेन से बरेली लाकर 18 अप्रैल को जेल भेज दिया गया। बता दें कि व्यापारी ने 14 फरवरी को कोलकाता के एनएम बनर्जी रोड स्थित आस्था इंटरप्राइजेज के मालिक अवनीश शुक्ला के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा लिखाया था। व्यापारी का अवनीश से लेनदेन को लेकर विवाद था। दूसरे राज्य में जाने के लिए पुलिस को नियमानुसार डीआईजी की परमीशन लेनी होती है लेकिन इस मामले में ऐसी कोई परमीशन नहीं ली गई। एसएसपी को भी इस पूरी कार्रवाई की भनक तक नहीं लगने दी गई।
बता दें कि एसएसपी ने रामपुर बाग डकैती के आधे-अधूरे खुलासे से नाराज होकर तत्कालीन इंस्पेक्टर अनिल समानिया को हटाने के बाद शक्ति सिंह पर विश्वास जताया था और कोतवाली में री-पोस्टिंग दी थी। लेकिन उनकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बुधवार को अलीगढ़ के सपा विधायक की सिफारिश पर लड़की को अगवा करने के आरोपी नदीम को छोड़ देने का मामला भी इनमें शामिल है।
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उधर, इज्जतनगर थाने की बैरियर वन चौकी के इलाके में गौकशी की लगातार शिकायतें मिलने के बाद डीआईजी आरकेएस राठौर ने बुधवार को अपने ऑफिस से इंस्पेक्टर रूपेंद्र गौड़ को छापा मारने भेज दिया। छापामारी के दौरान इलाके से गौवंशीय पशुओं का मांस मिला तो डीआईजी ने एसएसपी को चौकी इंचार्ज इंचार्ज सलाउद्दीन के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने दरोगा सलाउद्दीन को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने बताया कि तीनों के खिलाफ विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई होगी।   

बस अब कोई रियायत नहीं होगी: एसएसपी

मुकदमा न लिखने वाले इंस्पेक्टर-एसओ निलंबित होंगे

बरेली। बुधवार को एसएसपी धर्मवीर यादव ने क्राइम मीटिंग में सभी थानेदारों और चौकी प्रभारियों को जमकर हड़काया। उन्होंने दोटूक कहा कि अब किसी के साथ कोई रियायत नहीं होगी। चौकी इंचार्ज गलती करेंगे तो इंस्पेक्टर और एसओ भी जिम्मेदार माने जाएंगे। मुकदमा न लिखने पर वाले इंस्पेक्टर और एसओ को तुरंत निलंबित किया जाएगा।
पुलिस लाइंस में मीटिंग की शुरूआत ही एसएसपी यह कहकर की कि 15 दिन वह बेहद व्यथित हैं। इंस्पेक्टर और एसओ पर विश्वास कम होता जा रहा है। इंस्पेक्टर कोतवाली के खिलाफ कार्रवाई क्यों हुई, सब जानते होंगे। कैंट की नकटिया में डकैती की सूचना मिलने के बाद वहां कोई भी समय से नहीं पहुंचा। उन्होंने इसी बात पर इंस्पेक्टर कैंट रामवीर सिंह यादव को जमकर हड़काया। कहा कि मुकदमा लिखने में थानों में कोताही की जा रही है। लोग एफआईआर लिखाने के  लिए अफसरों तक पहुंच रहे हैं। अब ऐसे मामलों में निलंबन की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की कोई शिकायत उनके पास नहीं आनी चाहिए। महिला संबंधी मामलों में फौरन कार्रवाई की जाए। मारपीट के मामलों में एनसीआर दर्ज करने के बाद शांतिभंग करने के आरोप में कार्रवाई अवश्य हो। एसएसपी ने कहा कि वह अब थानों का हाल देखने के लिए अचानक चेकिंग करेंगे। लापरवाही मिलने पर किसी के साथ रियायत नहीं होगी। फौरन कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा, एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव, सीओ सिटी मुकुल द्विवेदी, सीओ द्वितीय धर्म सिंह मार्छाल, सीओ तृतीय असित श्रीवास्तव, सीओ चतुर्थ स्नेहलता आदि मौजूद रहे।    
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