एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पास डोहरा रोड पर एक लॉन में आयोजित शादी समारोह में डांस के लिए दिल्ली से आईं 10 लड़कियां बड़े हादसे का शिकार होने से बच गईं। समारोह से लौटते वक्त एक गाड़ी से पहुंचे कुछ लड़कों ने उन्हें रास्ते में रोककर छेड़छाड़ करते हुए गाड़ी में डालकर उठा ले जाने की कोशिश की लेकिन किसी तरह ये लड़कियां भाग निकलीं और विश्वविद्यालय के हॉस्टल में घुस गईं। दहशतजदा लड़कियां विश्वविद्यालय के हॉस्टल में दो घंटे तक रहीं। इसके बाद पुलिस पहुंची और उन्हें टेंपो में बैठाकर जंक्शन रवाना किया।
घटना बुधवार को देर रात करीब दो बजे की है। दिल्ली की एक ईवेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़ीं ये लड़कियां एक पूर्व छात्र नेता गौरव की शादी में आई थीं। बताया गया कि आयोजन के बाद लड़कियों को दिल्ली लौटना था। वे पीलीभीत बाईपास से जंक्शन के लिए टेंपो पकड़ने के लिए डोहरा रोड पर पैदल गुजर रही थीं। इसी बीच कार से पहुंचे कुछ लड़कों ने उन्हें रोक लिया और छेड़छाड़ करते हुए गाड़ी में बैठाने की कोशिश करने लगे। लड़कों से बचने के लिए लड़कियों ने शोर मचाते हुए कुछ ही दूर स्थित विश्वविद्यालय के मेन हॉस्टल की ओर दौड़ लगा दी। परीक्षा की तैयारी में जुटे हॉस्टल के तमाम छात्र जाग रहे थे जो शोर सुनकर गेट खोलकर बाहर आ गए। छात्रों ने लड़कियों को हॉस्टल में पनाह दी। लड़कियां इतनी ज्यादा दहशत में थी कि हॉस्टल के बाथरूम में घुस गईं और पुलिस के आने तक करीब दो घंटे वहीं छिपी रहीं।
छात्रों की सूचना पर हॉस्टल प्रभारी सुधांशु शर्मा फौरन हॉस्टल पहुंचे और लड़कियों से बातचीत के बाद पुलिस को सूचना दी। इसके बाद चीता मोबाइल पहुंची जिसने लड़कियों को एक टेंपो में बैठाकर जंक्शन के लिए रवाना कर दिया। पुलिस ने इस मामले में और कोई कार्रवाई नहीं की है। लड़कियों ने हॉस्टल के छात्रों को बताया कि उन्हें अगवा करने की कोशिश कर रहे लड़कों के हाथ में तमंचा भी था। वहीं, पुलिस के मुताबिक, लड़कियाें का यहां लाने वाले व्यक्ति से कोई विवाद भी हुआ, जिसके बाद यह बीच में कार्यक्रम छोड़कर जाने लगीं और उसी व्यक्ति के लोगों ने उनका पीछा किया, जिनसे बचने के लिए वह हॉस्टल में घुस गईं। इस दौरान हॉस्टल के छात्रों और उन लड़कों से नोकझोंक भी हुई। हालांकि इस मामले में कोई तहरीर न मिलने के तर्क पर पुलिस कार्रवाई से इंकार कर रही है।
इंसेट...
बारात वाले भी पहुंच गए
लड़कियों के हॉस्टल में पनाह लेने के बाद किसी ने आयोजन स्थल पर सूचना दे दी कि हॉस्टल के लड़कों ने उनका अपहरण कर लिया है। इस पर शादी में आए कई लोग हॉस्टल पहुंच गए और हंगामा करने लगे लेकिन जब खुद लड़कियों ने उनको बताया कि हॉस्टल के लड़कों ने तो उन्हें बचाया है तो वे लौट गए।
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वर्जन...
छात्रों ने जैसे ही सूचना दी मैं हॉस्टल पहुंच गया। लड़कियों से बात की तो उन्होंने छेड़छाड़ और उठाकर ले जाने की कोशिश की बात कही। हॉस्टल के लड़कों ने तो उनको पनाह दी। बाद में पुलिस आई तो लड़कियों को भेज दिया गया। -सुधांशु शर्मा, हॉस्टल प्रभारी
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मैंने इस बारे में सुबह छात्रों से बात की तो पता लगा कि लड़कियों के अपहरण की कोशिश की गई थी। अगर छात्र उनको हॉस्टल में पनाह नहीं देते तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी। -प्रो. एके जेटली, चीफ वार्डेन, हॉस्टल
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इतनी लड़कियों का अपहरण संभव नहीं था इसलिए अपहरण की कोशिश की बात गलत है। पार्टी के बाद इन लड़कियों ने चीता मोबाइल से जंक्शन तक सवारी की व्यवस्था करने को कहा था जिसकी व्यवस्था कर दी गई। -असित श्रीवास्तव, सीओ थर्ड