पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार करके बहेड़ी में दिनदहाड़े सैटिन क्रेडिट केयर नेटवर्क के अधिकारियों से हुई 40 लाख रुपये की लूट का खुलासा कर दिया है। लूट में कंपनी के अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं निकली। हालांकि पुलिस पहले ही दिन से दोनों को शक की नजर से देखकर पूछताछ कर रही थी। इस सनसनीखेज वारदात को नौसिखियों ने अंजाम दिया था। बदमाशों के पास एक असली तमंचा था, दूसरा खिलौना था। बंटवारे में चार लाख न देने पर रिश्तेदार ने बदमाशों का राज खोल दिया। बदमाशों के पास से 20 लाख 26 हजार रुपये की बरामदगी हुई है। पकड़े गए बदमाशों में एक उत्तराखंड का रहने वाला है। पुलिस के आला अधिकारियों ने टीम को तीस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस ऑफिस में एसएसपी धर्मवीर यादव ने बताया कि पांच अभियुक्तों ने योजना बनाकर चालीस लाख रुपये की लूट की घटना को अंजाम दिया था। कंपनी जिन समूहों को लोन देती थी उनमें से एक की सदस्य अफसरी बेगम के जरिए उसके बेटे सलीम का कंपनी के ऑफिस में आना-जाना था। उन्हीं के गांव बहीपुर के अय्यबू की पत्नी गुलाब बानो भी कंपनी में जाती रहती थी। पत्नी को छोड़ने अय्यूब भी जाता था। दोनों की नीयत खराब हो गई और उन्होंने सितारगंज (ऊधमसिंह नगर) के तिलियापुर निवासी प्रेमपाल और उसके साथी हरसूनगला बहेड़ी के जगतार और उनहैनी जागीर, बहेड़ी के राशिद के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। घटना के दिन अय्यूब बैंक के रुपये लेने गए कंपनी के अधिकारियों के पीछे गया था। वह उनकी लोकेशन की जानकारी देता रहा। कंपनी के अधिकारी जैसे ही एसबीआई से निकले उसने प्रेमपाल और उसके साथियों राशिद और जगतार को खबर कर दी। लूटने वाले तीन लोगों पर एक तमंचा था। उसमें भी कारतूस नहीं था। एक तमंचानुमा खिलौना उनके पास था। इनमें से एक ने दोनों हाथों से कंपनी के अधिकारियों पर असलहे तान दिए। एक ने नोटों से भरे बैग छीन लिए थे। दोनों अधिकारी जरा भी हिम्मत दिखा देते तो लुटेरे उसी दिन पकड़ लिए जाते। उन्होंने बताया कि खुलासा करने वाली टीम को आईजी की तरफ से 15 हजार, डीआईजी 10 हजार और वह 5 हजार रुपये का इनाम देंगे।
यह हैं लुटेरे
1-प्रेमपाल पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी ग्राम तिलियापुर, थाना सितारगंज, उधमसिंह नगर
2-सलीम अहमद बढई पुत्र रहमत निवासी ग्राम बहीपुर, थाना बहेड़ी, बरेली
3-अय्यूब पुत्र महबूब अहमद निवासी ग्राम बहीपुर, थाना बहेड़ी, बरेली
4-जगतार पुत्र दारा सिंह, निवासी हरसू नगला, थाना बहेड़ी, बरेली
5-राशिद पुत्र हमीद निवासी ग्राम उनहैनी जागीर, थाना बहेड़ी, बरेली
इस तरह खुला राज
कपड़े की दुकान चलाने वाला राशिद बुलेट मोटर साइकिल खरीदने के बाद अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंचा रिश्तेदार हैरान हो गया। मामला करीबी होने पर रिश्तेदार ने पूछा तो उसने बता दिया कि चालीस लाख का एक काम हुआ था। उसी में आठ लाख रुपये हिस्से में मिले हैं। फिर क्या था, रिश्तेदार ही राशिद का दुश्मन बन गया। उसने राशिद के सामने चार लाख रुपये की डिमांड रख दी। कहने लगा कि आधे रुपये नहीं देगा तो वह पुलिस को बता देगा। वही हुआ राशिद ने उसे रुपये नहीं दिए तो वह पुलिस को बता आया। राशिद के पकड़े जाने के बाद ही पूरी घटना का खुलासा हो गया।
जितना रिस्क उतनी ही रकम मिली
लूट के बाद बंटवारा होने पर जगतार और प्रेमपाल को 12-12 लाख रुपये मिले। राशिद को आठ लाख, सलीम को छह लाख और अय्यूब को सबसे कम दो लाख रुपये दिए गए। जगतार, प्रेमपाल और राशिद ने लूट को अंजाम दिया था। इसलिए उन्हें ज्यादा रकम मिली। सलीम बढ़ई की मां अफसरी बेगम और अय्यूब की पत्नी गुलाब बानो का कंपनी का ऑफिस में आना-जाना रहने के कारण दोनों महिलाओं को यह भी पता रहता था कि किस दिन किस गांव में रुपये बांटे जाने हैं। इसलिए मुखबिरी सटीक रही। बंटवारा सलीम बढ़ई की कारपेंटरी की दुकान पर हुआ। सलीम की दुकान ग्राम सैदपुर के सामने मेन रोड चौकी कताई मिल क्षेत्र में है। अय्यूब और सलीम ने ही मुखबिरी की थी। पुलिस के मुताबिक प्रेमपाल से नौ लाख, जगतार से तीन लाख 76 हजार, सलीम, राशिद से तीन-तीन लाख और अय्यूब के डेढ़ लाख रुपये बरामद हुए हैं।
नौसिखिए थे इसलिए आसानी से फंस गए
पुलिस चालीस लाख की लूट की घटना के बाद खुलासे को लेकर परेशान थी। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव की अगुवाई में सीओ प्रमोद यादव लूट का खुलासा करने में लग गए। इंस्पेक्टर सूूबेदार सिंह यादव भी सुरागरशी में लगे रहे। छानबीन के दौरान राशिद के रिश्तेदार से पता लगा कि उसके पास कहीं से आठ लाख रुपये आ गए हैं। इस उन्होंने टीमों को लगा दिया। राशिद के पकड़े जाने के बाद एक-एक करके सभी आसानी से पकड़े गए। प्रेमपाल, जगतार लड़की काटने का काम करते हैं। सलीम की कारपेंटरी की दुकान है। लकड़ी लेने की वजह से सलीम के पास जगतार और प्रेमपाल का अक्सर आना-जाना लगा रहता था। सलीम ने दोनों को लूट का प्लान बताया तो वह राजी हो गए। इसी तरह उन्होंने गैंग बनाकर घटना को अंजाम दे दिया। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों को यह अंदाजा भी नहीं था कि वह पकड़े जाएंगे।
इस तरह हुई थी लूट
26 मार्च को सैटिन केडिट केयर नेटवर्क लिमिटेड क्षेत्रीय प्रबंधक मानसिंह, निवासी ग्राम नोगोला थाना जबां, अलीगढ़ एंव शाखा प्रबंधक दीपक चौधरी मोटर साइकिल पर सवार होकर भारतीय स्टेट बैंक, बहेड़ी से 40 लाख रुपये लेकर आ रहे थे। पुराने शेरगढ़ बस स्टैंड के पास बदमाशों ने सीने पर तमंचा रखकर यह रकम लूट ली थी। मान सिंह की तरफ से पुलिस ने मामले में मुकदमा लिखा था।
वर्जन--
-कंपनी पुलिस को बतौर इनाम एक लाख रुपये देगी। पुलिस ने अच्छा काम किया है। जिन अधिकारियों की कमियों से लूट हुई है उनके खिलाफ जांच चल रही है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी-योगेंद्र चंदेल, मैनेजर ऑपरेशन