एसटीएफ की लखनऊ शाखा की सूचना पर शाहजहांपुर पुलिस ने पठान गैंग को बरेली मोड़ से पकड़ा था। पठान और उसके साथी रुद्रपुर (उत्तराखंड) में डकैती डालकर आए थे। सर्विलांस से जरिए एसटीएफ को यह खबर मिली थी। सोमवार को देर शाम बिलवा पुल के पास पुलिस को चकमा देकर भागने वाले शातिर बदमाशों के नेपाल में छिपे होने की सूचना आ रही है। एक खुफिया एजेंसी ने भी दोनों के नेपाल भागने की आशंका जताई है।
एसटीएफ कई साल से घुमंतू जाति के बदमाशों पर काम कर रही है। मोबाइल नंबर हाथ लगते ही उनकी निगरानी शुरू कर दी जाती है। लखनऊ एसटीएफ को पिछली साल सूचना मिली कि पठान गैंग रुद्रपुर में डकैती करने के बाद शाहजहांपुर जा रहा है। एसटीएफ ने शाहजहांपुर पुलिस को सूचना दी। पठान गैंग के बदमाशों के परिवार की महिलाएं पहले से ही बरेली मोड़ पर कोतवाली की अजीजगंज चौकी इलाके में बैठी थीं। पांचों बदमाशों के पहुंचते ही वह टेंपो में सवार होकर पसगवां गांव की तरफ जा रहे थे। इसी बीच पुलिस ने गैंग के पांचों बदमाशों को पकड़ लिया था। इससे पहले एसटीएफ की बरेली शाखा मुरादाबाद के भोजपुर में रहने वाले 50-50 हजार के इनामी बदमाश फरमान और मुईन को जेल भेज चुकी थी। ठिकाना और नाम बदलना घुमंतुओं की आदत है। जितनी जगह पकड़े जाते हैं, उतने ही नाम हो जाते हैं। फरमान घटनाओं को अंजाम देकर अक्सर लभेड़ा गांव में पनाह लेता था। इसी तरह बिलवा पुल के पास से पुलिस को चमका देकर फरार होने वाले पठान उर्फ खान और सोनू उर्फ फौलाद ने नेपाल के बनबसा के रास्ते महेंद्र नगर को अपना नया ठिकाना बनाया है। नेपाल का महेंद्र नगर इलाका भारत के अपराधियों के लिए सबसे सेफ जोन बना हुआ है। वहां भारत की पुलिस से भी बदमाशों को डर नहीं रहता है। यूपी में अपराध करने के बाद बदमाश पुलिस के बचने के लिए आसानी से वहां जाकर छिप जाते हैं। खुफिया एजेंसी ने भी इसी तरह की संभावना जताते हुए पुलिस को अलर्ट कर दिया है।
हिमाचल, उत्तराखंड में हैं ठिकाने
उत्तराखंड के किच्छा, हिमाचल और यूपी के मुरादाबाद में भोजपुर पीपलसाना, संभल, सहारनपुर, लखीमपुर, बरेली के बहेड़ी, सिरौली, शाहजहांपुर में जैतीपुर, जलालाबाद, रोजा आदि इलाकों में घुमंतू जाति के बदमाशों ने ठिकाने बना रखे हैं।
डीआईजी ने शाहजहांपुर एसपी से पूछा
पठान गैंग को पेशी पर ले जाने को पर्याप्त फोर्स क्यों नहीं लगाया
सुनसान इलाके में बंदी वाहन खड़ी करने पर जताई नाराजगी
बरेली। पठान गैंग को रुद्रपुर से पेशी से लाते वक्त सिपाही की गोली से मारे गए बदमाश मेहरान और पुलिस चमका देकर भागे पठान उर्फ खान और सोनू के मामले को डीआईजी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने एसपी शाहजहांपुर को पत्र जारी करके पूछा है कि पठान गैंग को पेशी पर ले जाते वक्त पर्याप्त फोर्स क्यों नहीं भेजा गया।
डीआईजी ने एसपी को भेजे पत्र में कहा है कि बिलवा पुल के पास पुलिस को चमका देकर भागे बदमाश का पीछा करते समय गोली लगने से मारे गए मेहरान तक तो ठीक है। सिपाही ने अच्छा काम कर दिया। लेकिन सुनसान स्थान पर बंदी वाहन रोककर लघुशंका कराने का फैसला ही गलत था। इस मामले की गहनता से जांच कराकर कार्रवाई करें। पांच अभियुक्तों पर दो आरक्षी, दो हेड कांस्टेबिल प्रोन्नत और एक चालक की ही ड्यूटी क्यों लगाई गई? इतने अभियुक्तों को तो रुद्रपुर ले जाने के लिए पर्याप्त फोर्स लगना चाहिए था। उपनिरीक्षक धर्म सिंह सैनी पुलिस लाइंस से कहां रवाना हुए। इसके बारे में भी पता लगाकर उनके खिलाफ क ठोर कार्रवाई कराकर डीआईजी ने तीन दिन में आख्या मांगी है।