थाने के मथुरापुर गांव में लोहा कारीगर के घर बृहस्पतिवार रात बदमाशों के गिरोह ने धावा बोल दिया। घरवालों को बंधक बनाकर पीटा और परिवार की तलाकशुदा बेटी को उठा ले गए। ग्रामीणों ने पीछा किया तो युवती को छोड़कर हवाई फायरिंग करते हुए भाग गए। सुबह अफसरों ने मुआयना किया। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस पारिवारिक विवाद से जुड़ा मामला बता रही है।
लोहे के क्लिप बनाकर बेचने वाले इरशाद का घर गांव से बाहर है। बृहस्पतिवार रात करीब पौने दो बजे सभी घरवाले गहरी नींद में थे। घरवालों के मुताबिक नेकर बनियान पहने करीब दस हथियारबंद बदमाश बिना चहारदीवारी वाले उनके घर में घुस आए। सबसे पहले बरामदे में सो रहे इरशाद के पिता पुत्तन और मां हसीबा को कब्जे में लिया। फिर इनसे दरवाजा खुलवाकर दो कमरों में सो रहे इरशाद, उसकी पत्नी कनीजबानो, भाई शमशाद, बहन फरजाना, साला आबिद और पांच बच्चों को कब्जे में ले लिया। इन्हें पीटा और हाथ बांधकर एक ओर डाल दिया। फिर पांच हजार की नकदी, महिलाओं के पहने हुए जेवर और बच्चों की गुल्लक के पैसे समेत करीब पचास हजार का माल समेट लिया। घंटा भर बाद यह फरजाना को उठाकर चल दिए। इनके घर से निकलते ही इरशाद आदि ने अपने बंधन खोलकर शोर मचा दिया। इनके साथ ग्रामीण भी दौड़े तो बदमाश थोड़ी ही दूर फरजाना को छोड़कर फायरिंग करते हुए भाग निकले। इससे पहले उसके चेहरे पर सरिया जैसी चीज से वार किया। घरवालों ने रात में ही पुलिस को सूचना दी। सीओ मुकुल द्विवेदी, इंस्पेक्टर देवेंद्र चौधरी मौके पर पहुंचे और परिवार से बात की। पुत्तन की ओर से अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई। फरजाना समेत दूसरे घायलों का मेडिकल परीक्षण भी कराया।
सर्राफ की दुकान में नकब लगाया
इरशाद के घर से आधा किमी दूर बंडिया चौराहे पर बिलाल ज्वैलर्स के नाम से नवाबगंज निवासी शाहिद परवेज की दुकान है। रात करीब एक बजे इनकी दुकान में पीछे से नकब लगाया गया। कोशिश नाकाम रही तो बदमाश छत पर चढ़े। वहां एक साइड से नकब लगाकर एक बदमाश अंदर उतरा। इससे पहले कि वह तिजोरी तोड़ता कोई आहट हो गई। तब वह तेजी से निकल भागा। इससे चोर की तस्वीर दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सुबह दुकानदार की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने इसे देख लिया।
वर्जन
फरजाना की ससुराल बंडिया में थी। एक साल पहले उसका तलाक हो चुका है और छह महीने की बच्ची के साथ मायके में रह रही है। हमें पूरा संदेह है कि घटना में उसके ससुराल पक्ष का हाथ है। परिवार की महिलाओं में फरजाना को ही सबसे ज्यादा पीटना, गालियां देना और ले जाने की कोशिश करना इसे पुष्ट करता है। पीड़ित किसी वजह से नहीं बोल रहे। सर्राफा दुकान में नकब की घटना में भी यही लोग हैं। कोई बाहरी गैंग नहीं है। हम कैमरे की फुटेज निकलवा रहे हैं। एक-दो दिन में सच्चाई खोल देंगे।- देवेंद्र चौधरी, थाना प्रभारी सीबीगंज