इलाहाबाद में वकील साथी की दारोगा द्वारा सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या करने से क्षुब्ध वकीलों ने यहां दूसरे दिन शुक्रवार को भी कोई न्यायिक कार्य नहीं किया साथ ही 16 मार्च को भी हड़ताल पर रहने की घोषणा भी कर दी है। दोपहर के समय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव और सचिव अमर भारती, पूर्व अध्यक्ष घनश्याम शर्मा आदि के नेतृत्व में चौकी चौराहा से कलेक्ट्रेट तक नारेबाजी करते हुए विरोध जुलूस निकला। कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ आरएएफ समेत बड़ी संख्या में फोर्स तैनात रही। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों संबंधी मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (सिटी) आलोक कुमार को सौंपा।
मुख्यमंत्री से मृतक अधिवक्ता के परिवार को देय घोषित दस लाख रुपये को नाकाफी बताते हुए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने एवं घटना में घायल सभी अधिवक्ताओं को और जिनके वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें समुचित मुआवजा देने की मांग ज्ञापन में की गई है। घटना में नामजद दारोगा को तुरंत गिरफ्तार करने और नौकरी से बर्खास्त करने के साथ ही इलाहाबाद के डीएम और एसएसपी के खिलाफ भी तुरंत दंडात्मक कार्यवाही की मांग की गई। बाद में बार एसोसिएशन सभागार में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार को दोपहर 12 बजे सभी बार एसोसिएशन सभागार में जुटेंगे और कमिश्नरी जाकर ज्ञापन सैंपेंगे। चौकी चौराहा पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने शांतिपूर्ण धरना भी दिया जाएगा। इस बैठक में सुभाष आर्य, दिनेश दद्दा, नरेन्द्र मिश्रा, मो. असलम, वंश गोपाल दीक्षित संजीव चतुर्वेदी, एस.के. शर्मा, शकील अहमद, अनिल बाजपेई, राजीव बाजपेई, शौकत अली, अजय अग्रवाल, अमर नाथ उपाध्याय, पी.के सिंह चौहान, संजय दलेला विनोद पाल सिंह, विशेषपाल सिंह, डी.एन. शर्मा आदि ने संबोधित किया। प्रदर्शनकारियों में अश्वनी राना, डी.डी.बेलवाल, राहुल भदौरिया, विनोद पाल सिंह, हरिन्दर जीत कौर चड्ढा, चन्द्रशेखर आदि शामिल थे।
भाकपा ने कांड की निंदा की
बरेली (ब्यूरो)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला सचिव राजेश तिवारी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उसका पुलिस पर र्कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। पार्टी ने मृतक अधिवक्ता के आश्रितों को पचास लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की।