शनिवार को गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने के बाद गांव अनवा में हुए बवाल के मामले में पुलिस ने दो गांव के छह लोगों को नामजद करते हुए दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उधर गोवंशीय पशुओं को काटे जाने की घटना से लीलौर झील के आसपास के गांवों में अभी भी आक्रोश फैला हुआ है।
शाहबाद (रामपुर) के अनवा गांव के जंगल में शनिवार सुबह गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिले थे। इसके बाद लोगों ने जाम लगाकर हंगामा किया था। गुस्साए लोग आठ घंटे तक जाम लगाए बैठे रहे थे और इस बीच दो वाहन फूंक दिए थे और एक बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी थी। पुलिस अफसरों के समझाने के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ था। पुलिस ने शनिवार को गोवंशीय पशुओं हत्या करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। रविवार को गौकशी पर बवाल करने के मामले में दर्ज किए गए मुकदमे में शाहबाद के अनवा गांव निवासी सत्यपाल, सोमवीर, बृजेश, अजयपाल, राम बाबू शर्मा और परौता गांव निवासी आशीष शर्मा को नामजद किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें देनी भी शुरू कर दी हैं। सिरौली थाना इलाके में स्थित लीलौर झील के आसपास के गांव के लोगों ने दूसरे दिन भी काम नहीं होने दिया। चालक जेसीबी लेकर गायब हो गए। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रामबहादुर यादव ने बताया कि जल्द झील का काम शुरू कराया जाएगा। उधर एसओ सिरौली का कहना है कि किसी पशु तस्कर के खिलाफ तहरीर नहीं आई है। तहरीर आएगी तो मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाएगी।
55 हेक्टेयर में बन रही है झील
-55 हेक्टेयर में फैली लीलौर झील के क्षेत्र में वर्षों से सैक ड़ों गायें और उनके बछडे़ घूमते रहते हैं। नौ फरवरी से झील की खुदाई शुरू होने पर यह गौवंशीय पशु झील से दूर चले गए थे। पशु तस्करों इन पर नजर पड़ गई। लीलौर गांव के लोगों का आरोप है कि गौकशी में झील पर काम करने वाले जेसीबी के मालिक शानू की भूमिका रही है। उसके तार पशु तस्करों से जुडे़ हैं।
पुलिस-पीएसी ने डेरा डाला
शनिवार को गुस्साई भीड़ को समझाकर शांत तो कर दिया गया फिर भी एहतियातन पुलिस और पीएसी ने अनवा, भौंरकी, में डेरा डाल लिया है। सिरौली, शाहबाद थानों की पुलिस और अधिकारी लगातार क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखे हैं। शाहबाद पुलिस ने रात में अनवा, भौंरकी, ओसी,गांवों में तस्करों की तलाश में छापेमारी भी की लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।