सपा के कद्दावर नेता पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह की बहन शुभा राय का कुत्ता पांच महीने पहले ईद पर चोरी हुआ और चार साल पहले अपने घर में चोरी हुई इन दोनों की मामलों में आईजी विजय सिंह मीना के आदेश पर सोमवार को उनके पड़ोसी अधिवक्ता समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सिविल लाइंस में बीकानेरी के पास रहने वाली इफ्को आंवला के मैनेजर एसपी राय की पत्नी शुभा राय ने आठ दिसंबर को आईजी से मुलाकात करके बताया था कि उसे पड़ोस में रहने वाले महताब सिंह और निर्मला राठौर खुद को वकील बताकर उसे परेशान करते हैं। चौकीदार और अपने साथियों की मदद से वह उनके घर में चोरी कराते रहते हैं। माह नवंबर 2010 में वह जब राजस्थान गई थी तो महताब सिंह ने अपने बहनोई भतीजों की मदद से मेरे घर का सामान चोरी कर लिया। चोरी गए सामान की कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये है। तब उन्होंने डाक से भी पुलिस के आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजा था। व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों से मिलकर भी मुकदमा लिखाने की गुजारिश की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इससे महताब सिंह का मनोबल बढ़ता ही गया। इन लोगों ने गिहार बस्ती के कुछ बदमाशों से उस पर हमला करा दिया। बाउंड्रीवाल टूटने की वजह से गिहार बस्ती की तरफ से बदमाशों ने आकर उसके घर की रेकी करनी शुरू कर दी थी। 27 जुलाई 2014 को ईद के दिन उनका विदेशी नस्ल के कुत्ते का पिल्ला चौकीदार राजीव उपाध्याय और ललित यादव की मदद से चोरी कर लिया। पिल्ला चोरी होने की सूचना भी उन्होंने दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उसके घर के निर्माण कार्य में भी अवरोध पैदा किया जाता है। पीड़िता ने मामले में मुकदमा दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। आईजी ने शुभा राय की बात सुनकर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को जांच करके तथ्य सही हों तो मुकदमा लिखने के आदेश दिए थे। सोमवार को शुभा राय ने प्रभारी निरीक्षक अनिल समानिया से मुलाकात की। इस पर उन्होंने चौकी इंचार्ज बिहारीपुर धर्मेंद्र कुमार गुप्ता को बुलाकर मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया है, जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
मेरा कुत्ता दिलवा दो
-शुभा राय अपने पालतू कुत्ते को लेकर बेहद संजीदा थीं। वह इस मामले को लेकर एक बार डीजीपी के पास भी जा चुकी हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक से बातचीत के दौरान उनका बार-बार यही कहना था कि उसका कुत्ता दिलवा दो। कुत्ता और उसका चोरी हुआ सामान नहीं मिला तो इसे लेकर फिर उच्चाधिकारियों के पास जाएगी।