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बच्चों को ननिहाल भेज खुद फंदे पर लटक गई महिला

Tue, 15 Mar 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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फंदे पर लटकी म‌हिला
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खुद के मकान का सपना पूरा करने को पति से अक्सर झगड़ा होने के बाद तनाव में आई महिला ने सोमवार को छत के कुंडे से अपने ही दुपट्टे के फंदे पर लटककर जान दे दी। आत्महत्या करने से पहले उसने अपने दो मासूम बच्चों को पास में ही रहने वाले अपने भाई के घर भेज दिया था। पति दुकान पर गया था। बच्चे ननिहाल से लौटकर आए तो उन्होंने शोर मचाया। मकान मालिक की सूचना पर पुलिस ने फंदे से शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 
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प्रेमनगर इलाके के मोहल्ला चाहवाई निवासी पूर्व पार्षद अजय सक्सेना के मकान में ऊपर बने कमरे में दीपक सक्सेना किराए पर रहते हैं। दीपक की गढ़ी में छोटी सी मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। उनके दो बेटे आठ साल का हर्ष और छह साल का वंश है। दीपक सोमवार को सुबह दुकान पर चले गए थे, जबकि नीचे रह रहे मकान मालिक अजय सक्सेना का परिवार अपने दूसरे मकान में था। ऊपर कमरे में दीपक की पत्नी 32 वर्षीय सुनीता और उसके दोनों बेटे थे। दोपहर तीन बजे सुनीता ने अपने दोनों बेटों को मोहल्ले में ही रहने वाले अपने भाई राहुल के घर भेज दिया। इसके बाद उसने छत के कुंडे में अपने दुपट्टे का फंदा बांधकर उस पर लटककर जान दे दी। इसी दौरान उसका बेटा हर्ष और वंश ननिहाल से लौटे तो मां का शव फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। हर्ष ने फोन पर अपने पिता दीपक को इसकी सूचना दी। तब दीपक दुकान से आए और मकान मालिक अजय सक्सेना भी बाजार से घर लौटे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फंदे से शव उतारकर पोस्टमार्टम को भेजा। चौकी इंचार्ज कोहाड़ापीर रजनीश कुमार ने बताया कि सुनीता दीपक से अक्सर किराये के मकान की बजाए खुद का मकान खरीदने की बात कहती थी, लेकिन पैसा न होने के कारण ऐसा होना संभव नहीं था। इसी को लेकर पति पत्नी में कहासुनी होती रहती थी। चौकी इंचार्ज ने बताया कि फिलहाल सुनीता के मकान वाले न ही उसके शव का पोस्टमार्टम कराना चाहते थे और न ही उन्होंने कोई लिखित तहरीर दी है। मकान मालिक की लिखित सूचना पर सूचना दर्ज करने के बाद सुनीता के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। 

पापा मम्मी फंदे पर लटकी हुई हैं, घर आ जाओ
दीपक का आठ साल का बेटा हर्ष और वंश ननिहाल से घर लौटे। उन्होंने कमरे में देखा तो मां सुनीता का शव फंदे से लटका था। यह देख बच्चे चीख गए और हर्ष ने दीपक को फोन किया कि मम्मी फंदे पर लटकी हैं पाता घर आ जाओ। 
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