अब ऐसा नहीं है कि आपको ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर सिपाही-दरोगा रोके गा तभी चालान होगा। एसएसपी आरके भारद्वाज ने बरेली में पायलट प्रोजक्ट के तौर पर सहयोग नाम से ट्रैफिक सुधार को नई हेल्पलाइन खोली है। सहयोेग के तहत अब कोई भी आम आदमी पुलिस की तरह ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों का चालान करा सकता है। नियम तोड़ने वालों को पता भी नहीं चल पाएगा और उनके वाहनों का चालान कटने के बाद घर पहुंच जाएगा।
एसएसपी ने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि इसके लिए उन्होंने 9454457708 नंबर पर व्हाट्सएप सेवा शुरू करा दी है। ट्रैफिक कंट्रोल रूम के कंप्यूटर में यह सेवा रहेगी। जिले और शहर के किसी भी हिस्से से कोई भी आम आदमी ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों का स्मार्ट फोन से फोटो खींचकर या वीडियो बनाकर उन्हें भेज सकते हैं। आपका नंबर गोपनीय रहेगा। व्हाट्सएप पर आने वाले वीडियो और फोटो की शाम को प्रिंट आउट लेने के बाद चालान करके उनके घरों पर भिजवा दिए जाएंगे। आपका वाहन जिस नंबर से पंजीकृत होगा उसी पते पर चालान पहुंचेगा। वाहन के नंबर से उसके स्वामी का पता लगाने के लिए साफ्टवेयर हमारे पास है। दूसरे प्रदेशों और जिलों के वाहनों का चालान डाक से उनके पतों पर भिजवा दिए जाएंगे। लोकल में थानों की पुलिस से ही अगले दिन चालान भिजवा दिए जाएंगे। किसी चालान को पुलिस अधिकारी नहीं निपटाएंगे। यह चालान सीधे कोर्ट में भेजे जाएंगे। हेलमेट न पहनने वालों का भी चालान होगा। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में उन्होंने यह सेवा शुरू की थी। आम आदमी का इसमें बड़ा सहयोग मिला था। एसएसपी ने ट्रैफिक सुधार के लिए उन्हें बरेली के लोगों से भी सहयोग करने की अपील की है।
गोपनीयता बरकरार रहेगी
एसपी ट्रैफिक ओपी यादव ने बताया कि फोटो खींचकर भेजने वालों की गोपनीयता बरकार रहेगी। इसके लिए रोजाना शाम को रोजाना एक टीएसआई को लगा दिया जाएगा। बाकी ऑफिस के किसी व्यक्ति को व्हाट्सएप पर आने वाले फोटो देखने का अधिकार नहीं होगा। -फोटो में गाड़ी नंबर साफ नजर आ रहा हो
-फोटो पर जगह और समय साथ उस स्थान को अवश्य स्पष्ट करें जहां से वाहन गुजर रहा है या खड़ा है।
फोटो खींचते समय बैकग्राउंड जरूर दिखाई दे। उसमें दुकान, साइन बोर्ड, घर और पार्क भी स्पष्ट हो।