पश्चिम बंगाल से नौ महीने पहले लापता हुए एक चौदह साल के लड़के को कोतवाली पुलिस ने दरगाह आला हजरत के पास एक सुनार के घर से बरामद करके पश्चिम बंगाल से आई पुलिस और परिवार के सुपुर्द किया। पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बेटी की शादी करवाने के लिये गरीब पिता ने बेटे का सौदा सिर्फ पांच हजार रुपयों के लिये दरगाह के पास रहने वाले एक सुनार के हाथ किया था।
पश्चिम बंगाल के जिला बांकुरा के थाना इंडास निवासी उज्जवल राय ने अपने बहनोई मिलनधर के जरिए बेटे सूर्या राय को सुनार इस्लाम को बेचा था। उसको पांच हजार रुपया देकर सुनार ने आश्वासन दिया था कि वह उसके बेटे को सुनारी का काम भी सीखा देगा। कारोबार के सिलसिले में इस्लाम पश्चिम बंगाल जाता था जहां वह मिलनधर के संपर्क में आया था। उज्जवल ने अपने बेटे सूर्या राय की गुमशुदगी भी इंडास थाना में दर्ज करवाई थी। जिसके बाद वहां की पुलिस सूर्या को खोज रही थी। उज्जवल ने बताया कि बीती 16 मार्च को अचानक सूर्या का फोन आया। उसने बताया कि वह बरेली में सुनार के पास रहना नहीं चाहता है। उज्जवल ने पुलिस को बेटे के बरेली से फोन आये फोन की जानकारी दी। इंडास थाना की पुलिस ने बरेली कोतवाली सर्किल के सीओ सतीश कुमार से संपर्क किया। सूर्या का फोटो भी मेल के जरिये भेजा। पुलिस ने 22 मार्च को दरगाह के पास इस्लाम के मकान से बच्चे को निकाल लिया। शनिवार को जब उसके घरवाले आए तो सौंप दिया गया।
दबाव में नहीं हुई लिखा पढ़त
सुनार इस्लाम और उसके भाई निजाम की पैरवी के लिये दरगाह आला हजरत के मौलाना शहाबुद्दीन भी कोतवाली पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि लड़के को कोतवाली पुलिस तक पहुंचाने के लिये उन्होंने मदद की। हालांकि कोतवाली पुलिस के अनुसार लड़के की बरामदगी के बाद सुनारों के खिलाफ कार्रवाई न हो, इसके लिये बराबर दबाव बनाया जा रहा था। वहीं सीओ प्रथम सतीश कुमार ने बताया कि चूंकि लड़का 14 साल का था और अपनी मर्जी से सुनार के घर पर रहते हुये मिला, इसलिये उसके सुनार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
चाइल्ड लाइन से भाग निकला लड़का
पुलिस ने सुनार के घर से लड़के को निकालने के बाद चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया था। शुक्रवार को लड़का चाइल्ड लाइन से भी भाग निकला। जब पुलिस ने पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि उसे दिन में खाने के लिये दो रोटी और सब्जी दी जाती थी। जिससे परेशान होकर वह भागा था। सीओ प्रथम ने चाइल्ड लाइन को मिलने वाले भत्ता की जांच करवाने की बात कहकर डायरेक्टर को फोन पर फटकार लगाई।
न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत हो सकती है कार्रवाई
सूर्या ने बताया कि काम के बदले उसे दो वक्त का खाना, 100 रुपया महीना दिया जाता था। चाइल्ड लाइन के डायरेक्टर अनीस के अनुसार 14 साल के लड़के को बतौर हेल्पर काम करवाने में सुनार के खिलाफ न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती थी। अधिनियम के अनुसार न्यूनतम वेतन से कम देेने पर प्रतिदिन 277 रुपया का छह महीने का भुगतान करना पड़ सकता है।
पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
-वर्तमान में लड़के की उम्र 14 साल बताई जा रही है, वह नौ महीने से सुनार के घर पर काम कर रहा है। जिस वक्त उसका सौदा हुआ वह 14 साल से कम की उम्र का था। तो क्या उसके खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी।
-पश्चिम बंगाल से एक लड़के को दुकान पर काम करवाने के लिये पांच हजार में खरीदकर लाया गया। यह मानव तस्करी का प्रकरण है, फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
-बच्चे का सौदा करने के बाद पिता ने भी इंडास थाना में गुमशुदगी लिखवाकर पश्चिम बंगाल पुलिस को गुमराह किया।
-बच्चे को चाइल्ड लाइन में रखा, जहां उसके दो वक्त का खाना भी नहीं मिला। जबकि चाइल्ड लाइन को भरपूर भत्ता दिया जाता है। चाइल्ड लाइन पर क्या कार्रवाई की गई।
पश्चिम बंगाल पुलिस की सूचना के बाद हमने इस्लाम और निजाम सुनार के घर से लड़के को बरामद किया है। लड़के को वहां की पुलिस के हवाले किया गया है।
-सतीश कुमार, सीओ प्रथम