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काली बाइक के साथ तीन लुटेरे पकड़े गए

Fri, 01 Jul 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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बदमाश ग‌िरोह पकड़ा
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कोतवाली पुलिस ने झपट्टा मारकर छिनैती और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने वाले गैंग के तीन सदस्यों को काले रंग की अपाचे बाइक समेत तीन लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना भोजीपुरा की गिहार बस्ती कंचनपुर गांव में रहकर ही वह शहर में लूटपाट की घटनाएं कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से एक बारह बोर का तमंचा, कारतूस, एक लेडीज पर्स 1500 रुपये और सोने की चेन बरामद की है। कचहरी के पास सुभाषनगर की रहने वाली अधिवक्ता बबिता सिंह के साथ हुई लूटपाट की घटना समेत दो घटनाओं का पुलिस ने खुलासा किया है। 
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अमर उजाला ने पहले ही खुलासा किया था कि शहर में झपट्टा मारकर महिलाओं के पर्स और गले से सोने की चेन छीनने वाला गैंग भोजीपुरा की गिहार बस्ती कं चनपुर गांव का है। बृहस्पतिवार को एसएसपी आरके भारद्वाज ने पुलिस लाइंस में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दिल्ली-6 के थाना सदर बाजार इलाके के मकान नंबर 1177 गली नंबर -11 में रहने वाला हिस्ट्रीशीटर राहुल उर्फ काले मूल रूप से बिहारीपुर की गिहार बस्ती का रहने वाला है। दिल्ली में उसके खिलाफ संगीन अपराधों के नौ मुकदमे दर्ज हैं। वह इन दिनों कंचनपुर गांव में रहकर झपट्टा मार गैंग चला रहा था। उसके साथ कंचनपुर गांव का रविंद्र पुत्र लालराम और हिस्ट्रीशीटर मोनू उर्फ फुदक्का पुत्र राजू निवासी धोबी वाला चौराहा मोहल्ला भूड़, थाना प्रेमनगर भी लूट की वारदात कर रहा था। तीन महीने पहले तिहाड़ जेल से छूटने के बाद उसने गैंग बनाकर शहर में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया था।    

कॉल सेंटर खोलकर ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़
साइबर ठगों की कंपनी पकड़ी गई
 नाइजीरियन ठगों के स्टाइल में देश भर में काली माई इन्वेस्टर (केएमआई) कं पनी के नाम से कॉल सेंटर खोलकर करोड़ों की ठगी करने वाले चार साइबर ठग क्राइम ब्रांच के हाथ लग गए हैं। उनके पास से छह लाख ग्यारह हजार रुपये, एटीएम, फर्जी आईडी, पैन कार्ड, मोबाइल, सिम भी मिले हैं। ठगों के देश भर की बैंकों में फर्जी खाते हैं। एक खाते में हर महीने 60-70 लाख का लेनदेन होता है। पुलिस को यूपी की ही कई बैंकों में खातों की जानकारी मिली है, जिनमें करीब एक करोड़ रुपये की रकम पड़ी हुई है।   
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बीसलपुर चौराहा स्थित धनवंत्री अस्पताल के संचालक डॉ. संतोष कुमार से ठगों की इस कंपनी ने एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंश की बंद पॉलिसी को चालू कराने के बहाने से तीन लाख रुपये की ठगी कर ली थी। मामले की गंभीरता देख एसएसपी ने साइबर सेल को ठगों को पकड़ने के लिए लगाया था। एसपी क्राइम विजय गौतम ने ठगों की तलाश शुरू कराई तो सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच की टीम ने नोएडा के थाना 39 स्थित सेक्टर नंबर 105 डी-78 से चार ठगों को पकड़ लिया। पकड़े गए ठगों में फर्रुखाबाद के थाना जहानगंज के जलालपुर गांव का अनुराग उर्फ कृष्णा उर्फ विपिन, फिरोजाबाद के थाना जसराना के कटोरा गांव के दुष्यंत शर्मा व शिवकुमार और राजस्थान के धौलपुर के ब्रह्मपुरी गोशाला के सतानंद शर्मा शामिल हैं। एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि अनुराग और दुष्यंत ठगों की कंपनी के मास्टर माइंड हैं। दुष्यंत ने अनुराग की सहमति पर शिव कुमार और सतानंद शर्मा को कंपनी में पार्टनर बना रखा था।  
बरामद माल 
छह लाख ग्यारह हजार रुपये, अलग-अलग बैंकों के 25 एटीएम, 27 फर्जी आईडी कार्ड, 10 फर्जी पैन कार्ड, 19 मोबाइल फोन, फर्जी आईडी पर जारी हुए 43 सिम।
अनुराग का गुरु तो भाग गया
बुलंदशहर के गुलावटी गांव का धर्मेंद्र शर्मा नाम बदलकर ठगों की कंपनी चलाने वाले अनुराग उर्फ कृष्णा उर्फ विपिन का गुरु है। अनुराग का असली नाम विपिन है। बारहवीं पास अनुराग नौकरी के लिए धर्मेंद्र के पास ही आया था। यहां जब वह धर्मेंद्र के धंधे को समझ गया तो उसने उसे एकाउंट अफसर बनाकर अपनी कंपनी में पार्टनर बना लिया। धर्मेंद्र से ठगी का तरीका सीखने के बाद उसने दुष्यंत के साथ ठगी के लिए कॉल सेंटर खोल दिया। पुलिस ने धर्मेंद्र के अलावा बुलंदशहर के ही थाना अनूपशहर के ग्राम राजोरा के रहने वाले रितेश शर्मा और उसके गांव के ही राहुल को फरार दिखाया है।  
 बैंक कर्मचारियों से खरीदा जाता है डाटा
ठगों की कंपनी के मास्टर माइंड बैंक कर्मियों से डाटा खरीदकर उन्हें अपने गुर्गों से कॉल कराती है। धर्मेंद्र शर्मा बीमा कंपनी और बैंकों के अधिकारियों से मिलीभगत करके लोगों का डाटा खरीदकर अनुराग और दुष्यंत को देता था। ग्राहकों के बारे में जानकारी मिलने के बाद फोन पर उनसे संपर्क किया जाता है।
ठगी का तरीका
अनुराग और दुष्यंत ने केएमआई सर्विसेज कंपनी के नाम से राजनगर गाजियाबाद में कॉल सेंटर खोल रखा है। एक कॉल सेंटर सेक्टर 3 ई 6 में खुला है। इन सेंटरों पर 30-35 लोगों को नौकरी पर रखा जाता है। बैंकों और बीमा कंपनी से मिले डाटा के आधार पर कॉल सेंटर से फोन किया जाता है। बीमा पॉलिसी की किश्त जमा न करने वालों को फिर से चालू करने का लालच देकर खातों में रुपये डलवा लिए जाते हैं। उन्हें लालच यह दिया जाता है कि ऑफर चल रहा है। आपको काफी फायदा हो जाएगा। फोन करने वालों को डॉटा बताने पर विश्वास हो जाता है। फोन करने का ऑफर स्वीकार करने वालों की कॉल फौरन की अनुराग और दुष्यंत के पास ट्रांसफर कर दी जाती है। यह दोनों मास्टर माइंड रुपये अपने खातों में जमा करा लेते हैं। 
बैंक कर्मी भी ठगों के गैंग में शामिल
बरेली। ऑन लाइन ठगी करने वाले ठगों की कंपनी में कई बैंकों के कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्हीं के माध्यम से ग्राहकों का डाटा लिया जाता था। ठग फर्जी आईडी पर बैंक खाते खुलवाने के अलावा मोबाइल सिम भी जारी करा लेते हैं। केएमआई कं पनी ने नौकरी देने के नाम अनुराग और उसका साथी दुष्यंत भोले-भाले लड़कों को अपने जाल में फंसा लेते थे। बैंकों और बीमा कंपनियों के लालची कर्मचारियों से ठग डाटा लेते हैं। डाटा बेचने वाले कई बैंक और बीमा कर्मी के नाम पुलिस के पास आ गए हैं। फर्जी सिम बेचने वाले दुकानदारों का भी पता कराया जा रहा है। सिम बेचने वाले कुछ दुकानदारों के नाम भी पुलिस के पास आए हैं। ठगों को फर्जी आईडी बनाकर देने वालों की भी तलाश जा रही है। इसके लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम नोएडा में कैंप किए हुए है। 
बैंकों में अंदर नहीं घुसते थे मास्टर माइंड
ठगी की रकम खाते में आते ही निकाल ली जाती है, लेकिन मास्टर माइंड अनुराग और दुष्यंत रुपया निकालने के लिए बैंक नहीं जाते थे। बैंक के अंदर अपने गुर्गे को भेजकर वे पार्किंग में खड़े हो जाते। सीसीटीवी फुटेज में तस्वीर न आ पाए इसकी एहतियात बरती जाती। पुलिस सूत्रों के मुताबिक धर्मेंद्र शर्मा तो इतना शातिर है कि उसने अनुराग और दुष्यंत को अपना घर तक नहीं दिखाया। हमेशा वह सड़क पर ही मुलाकात करता था। 
बैंकों की सीसीटीवी फुटेज भी काम आई
ठगों के गैंग को पकड़ने में उन बैंकों की सीसीटीवी फुटेज भी काम आई, जहां ठगों ने फर्जी आईडी पर खाते खोल रखे हैं। क्राइम ब्रांच ने खातों के पते निकलवाने के बाद रुपयों की निकासी के दिनों के आसपास की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई। खातों में जो मोबाइल नंबर लिखे थे उनकी लोकेशन ट्रेस कराई तो सेक्टर 105 और फर्रु खाबाद में मिल रही थी। क्राइम ब्रांच ने उस स्थान के मोबाइल टॉवर से नंबर उठाया। इस दौरान कुछ कॉमन नंबर मिल गए। इसके बाद असली ठगों का पता लग गया।  
 ठगों के नेटवर्क में शामिल बैंक और बीमा कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। कई लोगों को चिह्नित भी कर लिया गया है। 
-आरके भारद्वाज एसएसपी 

दिल्ली के टप्पेबाजों की होगी कुर्की   
बरेली। फरार चल रहे दिल्ली के दो टप्पेबाजों के खिलाफ किला पुलिस कुर्की की कार्रवाई करेगी। इसके लिए इंस्पेक्टर ने दिल्ली के इंद्रपुरी थाना के प्रभारी निरीक्षक से बात की है। दिल्ली के तीन टप्पेबाजों ने 16 जून को सिटी माल गोदाम के पास एक कार से 99,830 हजार नकदी रखा बैग उड़ाया था। कार मालिक ने मौके पर ही टप्पेबाज विजय को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया था। जबकि उसके साथी टप्पेबाज इंदर व एक अन्य भागने में सफल रहे थे। इन दो फरार टप्पेबाजों के खिलाफ ही कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। पकड़े गये आरोपी टप्पेबाज विजय की निशानदेही पर पुलिस दिल्ली में रह रहे दोनों साथियों के घर दबिश देने गई थी। पर, वहां से आरोपी फरार थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों आरोपियों ने अपने घर पर एसी समेत मंहगे सामान रखे हैं। अब सभी सामान की कुर्की की जाएगी। 
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