बरेली। क्राइम ब्रांच ने रोडवेज बसों में यात्रियों के बैग और अटैची से पलक झपकते ही माल पार करने वाले अन्तरराज्यीय गैंग के आठ सदस्यों को गिरफ्तार करके करीब पांच लाख रुपये का माल बरामद किया है। शातिर चोरों के इस गैंग ने सुभाष नगर से हल्द्वानी जा रही महिला के बैग से दो लाख रुपये की नकदी और जेवर समेत दस लाख का माल चोरी करना कुबूला है। साथ ही तीन अन्य घटनाओं का भी खुलासा पुलिस ने किया है। यह चोर आपस में कोडवर्ड में बात करते थे। पुरुष शिकार को मामा और महिला को माई कहकर आपस में बात करते थे। सभी को रविवार को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत के घटनाओं का खुलासा करते हुए एसपी देहात यमुना प्रसाद और एसपी क्राइम विजय गौतम ने बताया कि एसआरएमएस के पास से गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कुछ सदस्य रात में और कुछ दिन में चोरी करने में माहिर है। गैंग के सदस्यों का विभिन्न जनपदों में आपराधिक इतिहास है। बरेली के अलावा उत्तराखंड के रूद्रपुर, हल्द्वानी के अलावा यूपी के पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, कासगंज, आगरा और दिल्ली से चलने वाली रोडवेज बसों में यह गैंग वारदात करता है। झोलाछाप डॉक्टर नवीन कुमार और अशोक इस गैंग के सरगना है। गैंग में शामिल मंगल पर करीब 25 मुकदमे दर्ज हैं। मोहर सिंह तीन बार जेल जा चुका है। मुुन्नू वर्मा भी चोरी के आरोप में जेल गया है। मुनीश शर्मा चोरी के इस धंधे में करीब बीस साल से है।
यह हैं गैंग से सदस्य
1-नवीन कुमार पुत्र कुंवरसेन निवासी ग्राम गठोना, थाना उझानी, जिला बदायूं
2-अशोक पुत्र मनवीर सिंह निवासी ग्राम मरेना थाना गढ़िया रंगीन, शाहजहांपुर
3-मंगल पुत्र सुरेश पाल निवासी ग्राम मरेना, थाना गढ़िया रंगीन, शाहजहांपुर
4-ब्रजेश पुत्र झण्डू सिंह निवासी नई कॉलोनी, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली
5-मोहर सिंह पुत्र महीपाल निवासी भजनई, थाना अलीगंज, बरेली
6-मुन्नू वर्मा पुत्र रामतेज वर्मा निवासी संजयनगर, थाना बारादरी, बरेली
7-अजय जोशी पुत्र राजेश जोशी, संजयनगर, थाना बारादरी, बरेली
8- मुनीश शर्मा पुत्र हरीश चंद्र निवासी शांति बिहार, थाना सुभाषनगर, बरेली
बरामद सामान
लैपटाप-दो
मोबाइल-सात
गले का हार सोने-एक
अंगूठी सोने की-तीन
सोने का मांग टीका-एक
झुमकी सोने की-दो
सोने का मंगलसूत्र-एक
झाले सोने की-एक
पाजेब चांदी की-एक
तमंचे दो 315 बोर
कारतूस 315 बोर पांच
चाकू-चार
नकदी- दो हजार मात्र
पुलिस के मुताबिक बरामद कुल सामान की कीमत चार लाख है।
इन घटनाओं का हुआ खुलासा
-22 जून को सुभाषनगर में रहने वाली भावना भट्ट के बैग से चोरों ने दो लाख रुपये की नकदी और जेवर समेत दस लाख का माल पार कर लिया था। वह अपने भाई के घर हल्द्वानी जाने के लिए रोजवेज बस में सवार होकर बरेली से चली थीं। डीपीजी के आदेश पर मामले में मुकदमा दर्ज करके बरेली ट्रांसफर कर दिया गया था।
-बिशारतगंज में 27 जुलाई को बाबू खां अपनी पत्नी के साथ शाम सात बजे मोटर साइकिल से घर लौट रहे थे। रास्ते में बदमाशों ने उन्हें लूट था।
-अलीगंज थाना इलाके में नौ अप्रैल को इसी गैंग ने सादिक कुरैशी का लैपटाप, मोबाइल और नकदी छीन ली थी।
-थाना भोजीपुरा में तीन अप्रैल को सिराज की परचूनी की दुकान में चोरी भी इसी गैंग के बदमाशों ने चोरी की थी।
यह है टीम
विकास सक्ेसना, प्रभारी इंटेलीजेंस, क्राइम ब्रांच
किशन लाल उप निरीक्षक, भोजीपुरा
अखिलेश कुमार, उप निरीक्षक, भोजीपुरा
जगवीर यादव, हेड कांस्टेबिल, क्राइम ब्रांच
रामेंद्र यादव, सिपाही, क्राइम ब्रांच
हाजी तंजीर, सिपाही, क्राइम ब्रांच
दीपचंद्र, सिपाही, क्राइम ब्रांच
वरूण, सिपाही, क्राइम ब्रांच
अंकुल, सिपाही, क्राइम ब्रांच
सोने को कहते थे मिर्च, चांदी को नमक
झोलाछाप नवीन गैंग के सदस्य बस स्टैंड पर ऐसे लोगों को ताकते रहते हैं, जिनके साथ फैमिली होती है। दंपति पर अच्छा सामान देखकर बस में उनके गैंग के कुछ लोग चढ़ जाते हैं। वह उन्हें मांई और मामा कहकर बाहर खड़े साथियों को बुला लेते हैं। यदि अकेले पुरुष को निशाना बनाना होता है तो उसे मामा कोड से बुलाते हैं। अकेली महिला को माई कहकर बुलाते हैं। इसी तरफ वारदात में सफल होने पर साथियों से कहते हैं सुबह हो गई। चोरी में मिले सोने को मिर्च और चांदी को नमक कहते हैं। बस में बैठने के बाद प्लानिंग के तहत यह लोग शिकार बनाने वाले यात्रियों के सामान को उसकी निगाह से दूर कर देते हैं। कुछ साथी यात्री को बातों में लगाकर रखते हैं। उनके बाकी साथी मास्टर चाबी से अटैची और बैग का ताला खोलकर नकदी और जेवर पार कर लेते हैं। जहां उन्हें कामयाबी मिल जाती है, वहीं पर उतर जाते हैं।