रामगंगा कटरी से सटे खनी नवादा गांव में कश्यप और पाल बिरादरी के परिवारों में चली आ रही दुश्मनी सोमवार को खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। सोमवार को पाल बिरादरी का युवक ट्रैक्टर पर जा रहा था। ट्रैक्टर से कश्यप परिवार की महिलाओं पर कीचड़ पड़ने के बाद दोनों परिवार में फिर झगड़ा शुरू हो गया। आरोप है कि पाल जाति के लोगों ने घर की छत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सोमपाल की कोख में लग गई। कश्यप परिवार ने गंभीर घायल सोमपाल को अस्पताल ले जाना चाहा, लेकिन दूसरी तरफ से फायरिंग जारी रही। परिवार ने पुलिस हेल्पलाइन पर फोन किया, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। गांव के लोगों के अनुसार करीब डेढ़ घंटे तक दोनों परिवारों के बीच गोलियां चलती रही। पुलिस के पहुंचने तक सोमपाल दम तोड़ चुका था। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाने की पुलिस को 12 घंटे की मोहलत दी है।
सोमवार सुबह करीब नौ बजे पाल बिरादरी का सुभाष पुत्र रघुबर खेत की जुताई करके ट्रैक्टर से घर जा रहा था। खड़ंजा पर कीचड़ की छींटे कश्यप परिवार की महिलाओं पर पड़ गया। महिलाओं ने सुभाष से गाली गलौच किया। सुभाष ने घर पहुंचकर विवाद की जानकारी दी। उसके चाचा हरपाल, वीर पाल, रघुबर और ग्रीस अवैध असलहे लेकर छत पर पहुंच गए। घर के ठीक सामने सड़क के दूसरी तरफ सोनपाल (40) पुत्र रामनाथ घर पर लिंटर डलवा रहा था। आरोप है कि हरपाल की गोली सोनपाल की कोख में लगी। गोली की आवाज सुनकर कश्यप परिवार के लोग भी छत पर आ गए। कश्यप परिवार के लोग भी अवैध असलहा ले आए और करीब डेढ़ घंटे तक दोनों परिवारों के बीच फायरिंग होती रही।
गांव में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सकी पुलिस
घबराये गांव के लोगों ने यूपी 100 पर सूचना दी। पुलिस करीब दो घंटा देरी से पहुंची। सोनपाल की सांसे चल रही थी। एंबुलेंस से जिला अस्पताल रवाना किया गया। लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। गांव में चर्चा रही कि दोनों परिवारों की फायरिंग की वजह से पुलिस भी गांव में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। मृतक के भाई राम गोपाल ने आरोपी हरपाल, वीरपाल, रघुबर समेत नगरिया कला के ग्रीस के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मासूम के बाबा को मार दिया
कश्यप परिवार के मुताबिक उनकी सात साल की मासूम के साथ सोनपाल के हत्योरापी हरपाल के चचेरे भाई ने दुष्कर्म किया था। मौजूदा समय में वह जेल में है। छह महीने पहले हुई वारदात के बाद परिवार समझौते के लिए दबाव बना रहा था। इसी रंजिश में मासूम के बाबा सोनपाल की हत्या की गई है।
चारों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाने की पुलिस को 12 घंटे का समय दिया गया है। एहतियातन पुलिस बल को गांव में तैनात किया गया है।
-जोगेंद्र कुमार, एसएसपी
शुक्र है बच्चों को गोली नहीं लगी
फायरिंग के दौरान थोड़ी दूरी पर बने प्राथमिक स्कूल में शिक्षक डाल चंद्र ने कमरे में छात्रों को बंद करके बचाया। आशंका थी कि कही कोई गोली बच्चों को न लग जाए। फायरिंग थमने के बाद छात्रों को बाहर निकालकर उनके घरों में पहुंचाया गया। दरअसल दोनों पक्ष फायरिंग करते हुए स्कूल तक पहुंच गए थे।
दोनों बिरादरी के परिवारों में रंजिश पांच साल पहले शुरू हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक पांच साल पहले कश्यप बिरादरी की एक किशोरी को पाल बिरादरी का राजीव भगा ले गया था। थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद छह महीने बाद लड़की बरामद हुई थी। जिसके बाद आए दिन दोनों परिवारों के बीच झगड़े होने लगे। अवैध असलहों से फायरिंग करके गांव में दहशत फैला दिया करते थे। करीब छह महीने पहले सात साल की मासूम से दुष्कर्म के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया था। हाल में कसर गांव में तालाब पर मछली का पट्टा पाल परिवार के ग्रीस से छीनकर कश्यप परिवार के राम औतार के नाम पर आ गया था। वहीं गांव में राजनीति में पूर्व प्रधान और मौजूदा प्रधान के रंजिश भी दोनों परिवारों के बीच आग में घी का काम कर रही थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन फीट से मारी गई गोली
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सोनपाल को 315 बोर की गोली लगी है। गोली करीब ढाई से तीन फीट की दूरी से मारी गई है। जबकि परिवार को आरोप है कि गोली छत से मारी गई। जिसकी दूरी करीब 70 मीटर की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक सोनपाल अपने पीछे पत्नी सुशीला समेत तीन बेटे ओमेन्द्र, मुनेन्द्र और सतेन्द्र को छोड़ गया है।