अयूब खां चौराहे पर भी रविवार शाम साढ़े तीन बजे उधर से गुजर रहा ताजिया बिजली के तारों से टकरा गया। तेज धमाके के साथ चिंगारियां निकलीं। ताजिये के साथ चल रहे बच्चों के ऊपर चिंगारी गिरीं लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वाकया देखकर लोगों के मुंह से बस यही निकला- प्रशासन तो जान लेने पर ही अमादा है। ताजिया के रूटों पर बिजली के झूलते तार यूं ही छोड़ दिए गए, जबकि दो महीने पहले से आईजी, कमिश्नर, डीएम और एसएसपी समेत सभी अधिकारी बैठक लेकर अधीनस्थों से रूट देखने को कह रहे थे। कई बैठकें हुईं, यह भी कहा गया कि लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा लेकिन एसडीएम और सीओ ने ठीक से रूट देखकर दिक्कतें दूर ही नहीं कराईं। थाना प्रभारी भी ताजियों के रूट देखने नहीं गए। सब कुछ कागजों पर ही हो गया।
बहेड़ी के खिरना गांव में तो प्रशासन की लापरवाही से 25 लोग झुलस गए। तयशुदा रूट पर थाने के त्योहार रजिस्टर में पहले से अंकित था कि ताजिया की ऊंचाई 18 फिट होगी। बावजूद इसके 33 केवीए की हाईटेंशन लाइन के झूलते तारों को नजरअंदाज कर दिया गया। समय रहते अगर लाइन को ऊपर किया जाता तो हादसा नहीं होता। जोगी नवादा के ताजियादारों के मुताबिक बीते दस सालों से उनका 12 फिट ऊंचा ताजिया निकलता है, लेकिन यहां भी बिजली के तार बहुत नीचे तक लटक रहे थे। ताजियेदारों के मुताबिक दो दिन पहले एक व्यक्ति ने बल्ली लगाकर तार उसके जरिये आगे घरों तक पहुंचाये, इससे पहले तार एक मकान के कुंडे से होकर आगे जा रहे थे। प्रशासन को इस दिशा में इसलिए भी गंभीरता से सोचना चाहिए था, क्योंकि सड़क निर्माण के चलते उसकी ऊंचाई भी बीते सालों में बढ़ी है।
डीएम ने एडीएम (प्रशासन) को सौंपी जांच
बरेली। एसडीएम बहेड़ी ममता मालवीय ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट में ताजिया के विद्युत लाइन से टकराने और ताजियेदारों के झुलसने के लिए बिजली विभाग के अफसरों को जिम्मेदार ठहराया है। एसडीएम ने बताया कि निर्देश दिए जाने के बावजूद मोहर्रम पर बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। इसकी वजह से खिरना में हादसा हो गया। यह गंभीर मामला है। बिजली विभाग के अधिकारियों को संवेदनशीलता के दृष्टिकोष से दिए गए निर्देशों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए था। डीएम ने रिपोर्ट के आधार पर एडीएम (प्रशासन) एसपी सिंह को मामले की जांच करने का आदेश दिया है। उन्हें एक सप्ताह में जांच कर दोषियों को चिह्नित करके डीएम को आख्या देनी है।
मोहर्रम के दौरान पहले से ही अधिकारियों को रूट देखने को कहा गया था। इन घटनाओं से साफ है कि कुछ अफसरों और थाना प्रभारियों ने सही से काम नहीं किया है। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को चिह्नित कराकर कार्रवाई की जाएगी। राघवेंद्र विक्रम सिंह, डीएम