बहेड़ी क्षेत्र में जंगली कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रसूलपुर गांव में बृहस्पतिवार को आठ साल की बच्ची को भी नोचकर मार डाला। वह ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले पिता को खाना देकर लौट रही थी। एक हफ्ते में जंगली कुत्तों का यह चौथा हमला है।
मजदूर श्यामवीर की आठ साल की बेटी रिंकी गांव के स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ती थी। कुत्ते उसे घसीटकर गेहूं के खेत में ले गए और नोचने लगे। बाइक से जा रहे ठेकेदार वहीद अहमद और जमीर अहमद ने बच्ची की आवाज सुनी तो कुत्तों को दौड़ाया। तब तक रिंकी दम तोड़ चुकी थी। रिंकी को पहचानकर राहगीरों ने श्यामवीर को सूचना दी। वह अपनी पत्नी दुर्गा देवी के साथ पहुंचे तो होश उड़ गए। भट्ठा मालिक की सूचना के बावजूद चौकी पुलिस दो घंटे बाद पहुंची। श्यामवीर ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
बता दें कि इससे पहले जंगली कुत्तों ने शरीफ नगर की एक बच्ची को नोच कर मार डाला था। कुंवरगढ़ा गांव में दो भाई-बहनों पर हमला किया गया था। बुधवार को आदलपुर में नत्थूलाल की 12 वर्षीय बेटी मंजू पर भी नोचकर कर घायल कर दिया था। प्रशासन अब तक इन कुत्तों को पकड़ने के लिए कार्यवाही नहीं कर रहा है।
कोट
वन विभाग को जंगली कुत्तों को पकड़ने के लिए लिखकर भेजा गया है। इस बारे में रेंजर से फोन पर बात की गई है। जल्द अभियान चलाया जाएगा। मासूम की मौत पर मुझे अफसोस है।
-रामेश्वर नाथ तिवारी एसडीएम बहेड़ी।