आंवला। कस्बे के चर्चित नवाब खानदान के दामाद शनिवार रात अपनी कोठी में ही गोली लगने से घायल हो गए। पत्नी उन्हें पालिका चेयरमैन की मदद से इलाज के लिए दिल्ली ले गईं, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पत्नी के आरोपों के मद्देनजर पुलिस ने निजी सुरक्षा गार्ड को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। हालांकि गार्ड बिल्ली को मारने के लिए चलाई गोली इत्तेफाकन लगने की बात कह रहा है।
कस्बे के मुहल्ला किला में नवाब खानदान की हिना फाजली अपनी पुश्तैनी कोठी में पति शाजेब के साथ रहती हैं। जमीन जायदाद को लेकर परिवार के ही लोगों से चल रही रंजिश की वजह से उन्होंने सुरक्षा के लिये एक सिक्योरिटी कंपनी से तीन गार्ड ले रखे हैं। शनिवार रात कमर के निचले हिस्से में गोली लगने से शाजेब घायल हो गए। हिना और चेयरमैन सैयद आबिद अली ने आननफानन उन्हें एक निजी अस्पताल मे भिजवाया। वहां से गंभीर हालत देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया गया। हिना ने फोन पर पुलिस और मीडिया को बताया कि उनकी जायदाद पर परिवार के कुछ लोग कब्जा करना चाहते हैं। यह लोग उन्हें और उनके पति को यहां से भगाना चाहते है। आरोप लगाया कि परिवार के ही एक व्यक्ति ने योजना के तहत उनके सुरक्षा गार्ड से मिलकर उनके पति को जान से मारने का प्रयास किया। पति की हालत सुधरने पर वह आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर देंगी। उनका कहना था कि दो दिन से गार्ड प्रमोद अजीब हरकतें कर रहा था, उन्होंने उसे टोका तो तबियत ठीक न होने की बात कही। वहीं इसके बाद पुलिस ने गार्ड प्रमोद कुमार को हिरासत में ले लिया। प्रमोद ने पुलिस को बताया कि दो गार्ड रात में और एक दिन में तैनात रहता है। बताया कि हिना ने घर में खरगोश पाल रखे हैं। उनके बच्चों को बिल्ली खा जाती थी। शाजेब इससे खफा थे। शनिवार रात बिल्ली फिर आ गई। उस समय उसके साथ कुंवरगांव का मुकेश भी ड्यूटी पर था। बिल्ली को देखकर शाजेब ने उसे गोली मारने को कहा। मालिक का आदेश मानते हुए दोनो गार्डों ने बिल्ली पर फायर कर दिया। बिल्ली तो भाग गई पर गोली शाजेब को लग गई। इसमें उसका कोई कसूर नहीं है। कोतवाल बृजराज सिंह ने बताया कि तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज कर लिया जायेगा। गार्ड से पूछताछ की जा रही है।
खानदान के तीन लोगों की हुई थी हत्या
आंवला नवाब खानदान के पास करोड़ों की संपत्ति है। बरसों से खानदान के लोगों में जायदाद को लेकर रंजिश चल रही है। वर्ष 1992 में नवाब मियां, उनके बेटे कामरान मियां और भाई बादशाह मियां की एक ही रात में हत्या की गई थी। संगीन मामले में पुलिस के बाद सीबीआई ने भी जांच की पर कोई नतीजा नहीं निकला। संपत्ति को लेकर परिवार के लोगों में कई बार तनातनी हो चुकी है।