बरेली। राजेंद्र नगर स्थित केके अस्पताल में महिला की मौत के बाद मायके और ससुराल पक्ष के लोग मौत का गम भूल गए और उसके तीन साल के बेटे के लिए आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच बच्चे को अपने साथ रखने पर विवाद होने लगा। काफी देर तक हंगामे के बाद मायके पक्ष के लोग बेटे को अपने साथ ले गए।
सितारगंज की रहने वाली सहाना गर्भवती थी। मायके पक्ष का कहना है कि पति परेश ने सहाना को सितारगंज के एक अस्पताल में भर्ती कराया। यहां अल्ट्रासाउंड में मृत बच्चे का पता चला, लेकिन पति और उसके परिवार ने नार्मल डिलीवरी का दबाव बनाया। नार्मल डिलीवरी से सहाना को मृत शिशु हुआ, जिससे उसे सेप्टिक हो गया। हालत गंभीर होने पर उसे बरेली के केके अस्पताल लाया गया। यहां उसकी मौत हो गई। वहीं, सहाना के पति परेश का कहना है कि सितारगंज के डॉक्टर ने नार्मल डिलीवरी होने का 90 फीसदी दावा किया, इसलिए वहीं भर्ती करा दिया था, लेकिन हालत गंभीर होने पर यहां ले आए। केके अस्पताल में सहाना को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। इस पर उसे हल्द्वानी में भर्ती कराने ले जाने लगा, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस पर उसे वापस अस्पताल ले आया। उसने बताया कि बाद में सहाना के मायके वाले उसका शव और बच्चा साथ ले गए।