बरेली। राम बरात बवाल के तीन और आरोपियों को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। होली से एक दिन पहले राम बरात के जुलूस में विवाद के बाद मुर्गे वाली गली में पथराव और फायरिंग हो गई थी। पुलिस ने फायरिंग में घायल पक्ष की रिपोर्ट लिख ली। तीन दिन बाद दोनों पक्ष के संभ्रांत लोगों ने बैठक कर समझौतानामा बनाकर पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने पहले एक नामजद युवक को जेल भेजा था।
बारादरी थाना पुलिस ने मंगलवार को बांस मंडी निवासी शाजेब, मुर्गी वाली गली निवासी शुएब व सिकलापुर निवासी परवेज को पकड़ लिया था। बुधवार को इन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक तीनों ही बीस मार्च को राम बरात के जुलूस में हुए बवाल के आरोपी थे। रिपोर्ट में शामिल अज्ञात लोगों में शामिल थे। पुलिस ने विभिन्न स्थानों से जुटाई फुटेज और अन्य साक्ष्यों से इनके नाम पते तस्दीक करके इनको पकड़ा। इनसे पहले जावेद नाम के नामजद आरोपी को जेल भेजा जा चुका है। नामजद दूसरे आरोपी जफर व अन्य अज्ञात की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
एडीजी और संतोष गंगवार से मिलेंगे शहाबुद्दीन
घटना के तीन दिन बाद मुर्गे वाली गली में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के स्थानीय लोगों ने मौलाना तंजीमे उलमा इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन की सदारत में बैठक की थी। मौलाना ने बताया कि स्थानीय लोगों में कभी झगड़ा नहीं हुआ। विवाद बाहरी लोगों ने फैलाया। इसलिए समझौतानामा बनाकर उसी दिन एसएसआई और अन्य अधिकारियों को सौंपा गया। वे खुद एसपी सिटी से भी मिले और कहा कि इस मामले में कार्रवाई खत्म कर दी जाए। कहा कि जिला एकीकरण परिषद का सदस्य होने के नाते एकता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाकर उन्होंने ये पहल की थी। पुलिस इसे क्यों नहीं मान रही? वे समझ नहीं पा रहे। वे एडीजी और केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से मिलेंगे।
ऐसे नहीं होता समझौता, आरोपी जेल जाएंगे
सीओ थर्ड पीतमपाल सिंह ने बताया कि जुलूस में हिंसा फैलाकर शहर का अमन चैन खराब करने की कोशिश की गई थी। आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट हुई जिसकी कार्रवाई कोर्ट के भी संज्ञान में है। कोई कहीं बैठकर समझौता कर ले, ये संभव नहीं। पूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नामजद और साक्ष्यों के आधार जो आरोपी होंगे, वे जेल जाएंगे।