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एफआईआर में बढ़ोतरी के बावजूद हत्या, लूट, डकैती की वारदातें हुई कम

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बरेली। योगी राज में ताबड़तोड़ एनकाउंटर के बीच अपराध भले काबू में आए हों, लेकिन एफआईआर का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। बरेली समेत शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत जिलों में यही स्थिति देखने में आई है। आईजी के मुताबिक एफआईआर में बढ़ोतरी की मुख्य वजह थानों में फरियादियों के सभी मामले दर्ज होना है। मंडल में सिर्फ बदायूं ही ऐसा जिला है, जहां हत्याओं की वारदातें पिछले साल की तुलना में बढ़ी हैं।
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डीजीपी ओपी सिंह के थाने की दहलीज तक आने वाले हर फरियादियों की सुनवाई के फरमान के बाद सिर्फ बरेली में पिछले साल के मुकाबले 1059 एफआईआर ज्यादा लिखी गईं। कमोवेश यही स्थिति पीलीभीत, शाहजहांपुर में भी है, लेकिन बदायूं में पिछले वर्ष की तुलना में दर्ज एफआईआर में गिरावट देखने को मिली। वहीं अगर क्राइम डाटा पर नजर डाले तो बरेली में सिर्फ चार डकैती पड़ी, जबकि पीलीभीत और शाहजहांपुर में डकैती की एक भी वारदात नहीं हुई है। वहीं दुष्कर्म के आंकड़ों को देखें तो बरेली में सर्वाधिक 72, बदायूं में 52, पीलीभीत में 48 और शाहजहांपुर में 42 वारदातें दर्ज की गईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हैं।

जिला 2016 2017 2018
बरेली 6551 6825 7884
पीलीभीत 2199 2961 3340
शाहजहांपुर 3609 4137 5659
बदायूं 3600 4443 4151
(चार जिलों में दर्ज एफआईआर की तीन साल की स्थिति)

जिला डकैती हत्या लूट दुष्कर्म
बरेली 04 96 70 72
पीलीभीत - 38 25 48
शाहजहांपुर - 59 26 42
बदायूं 03 61 34 52
(रेंज कार्यालय के मुताबिक 2018 में हुए अपराध के आंकड़े)

करीब दस फीसदी एफआईआर में बढ़ोतरी हुई है। शासन के साफ निर्देश है कि सभी मामलों को दर्ज किया जाए। यह सही है कि बीते साल में बड़ी घटनाओं पर अंकुश लगा है। - ध्रुवकांत ठाकुर, आईजी बरेली रेंज
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