वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के पोते पार्थ के साथ भुट्टे को लेकर हुई मारपीट के मामले में सेना के जवान और उसके प्रोफेसर दोस्त को सोमवार को जमानत पर रिहा कर दिया गया। दोनों का कैंट पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में चालान किया था।
रविवार शाम वित्त मंत्री के पोते पार्थ अपनी कार से बिशप कोनराड स्कूल के पास भुट्टा खाने पहुंचे थे। यहां मढ़ीनाथ के रहने वाले सेना के जवान भी अपने प्रोफेसर दोस्त रजनीश मिश्रा के साथ भुट्टा खाने को रुके हुए थे। ठेले वाले ने जब भुट्टा भूनकर तैयार किया तो पार्थ का सेना के जवान से इस बात पर विवाद हो गया कि भुट्टा पहले कौन लेगा। नोकझोंक के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। सूचना पर पहुंची यूपी 100 को जब यह पता लगा कि झगड़ा वित्त मंत्री के पोते से हुआ है तो वह सेना के जवान और प्रोफेसर को पकड़कर थाने ले गई। देर रात दोनों के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी और संपत्ति क्षति की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने दोनों का शांतिभंग करने के आरोप में चालान भी किया। सोमवार को दोनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने किया गया जहां से उन्हें जमानत मिल गई। सेना के जवान और प्रोफेसर ने इस मामले में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया था।