आईएसआई एजेंट रमेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद त्रिशूल एयरबेस सहित सैन्य क्षेत्रों की जानकारी पाकिस्तान को भेजे जाने के खुलासे के बाद एडीजी प्रेमप्रकाश ने स्पेशल क्यूआरटी तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। क्यूआरटी सैन्य क्षेत्र में हर गतिविधि पर नजर रखेगी। त्रिशूल एयरबेस के अलावा कैंट के गरुड़ डिवीजन और जाट रेजिमेंट सेंटर के आसपास भी पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि कुछ दिन पहले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के नाम से रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद से पुलिस अलर्ट मोड पर है।
पिथौरागढ़ से गिरफ्तार आईएसआई एजेंट रमेश सिंह को एटीएस ने पांच दिन की रिमांड पर लिया था। एटीएस की टीम रमेश को लेकर यहां त्रिशूल एयरबेस आई। रमेश के जरिये उन ठिकानों का सुराग लगाने की कोशिश की गई, जिनकी जानकारी उसने जुटाई थी और उनके बारे में पाकिस्तान को जानकारी भेजी थी। एटीएस सूत्रों के मुताबिक जून, 2016 में आईएसआई ने त्रिशूल एयरबेस सहित सैन्य क्षेत्र की जानकारी जुटाने के लिए रमेश सिंह को बरेली भेजा था। यहां पांच दिन तक ठहरने के दौरान उसने त्रिशूल एयरबेस, बुखारा रोड स्थित आईटीबीपी मुख्यालय और कैंट के सैन्य क्षेत्र में सेना की गतिविधियों की जानकारी जुटाकर पाकिस्तान को भेजी थी।
जोन में अलर्ट घोषित
सैन्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान भेजे जाने का खुलासा होने के बाद एडीजी प्रेमप्रकाश ने पुलिस को सैन्य क्षेत्र में और अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। कुछ दिन पहले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के नाम से रेलवे स्टेशन को बम उड़ाने की धमकी दी गई थी। खुफिया इकाइयों से इनका इनपुट मिलने के बाद एडीजी ने जोन में अलर्ट घोषित किया हुआ है। रेलवे परिसर के अतिरिक्त सभी जगह पर चेकिंग के निर्देश जारी किए हैं।
आईएसआई एजेंट की गतिविधियों के बाद सैन्य क्षेत्र में पुलिस चौकसी का अलर्ट चेक मैं अपने स्तर पर करूंगा। आतंकी संगठन की धमकी में बरेली के लिए खासतौर पर कोई अलर्ट नहीं है। हम एहतियातन ऐसे कदम उठाते हैं। - प्रेम प्रकाश, एडीजी बरेली जोन