बरेली। सूदखोरों के चंगुल में फंसे एक कपड़ा विक्रेता की बीवी को बंधक बनाकर सूदखोर और उसके दो साथियों ने चार दिन तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। बृहस्पतिवार दोपहर पीड़िता पति के साथ आईजी कार्यालय पहुची और शिकायत की। दंपती ने बताया कि थाने जाने में उन्हें जान का खतरा था, इसलिए यहां आए। आईजी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आईजी कार्यालय पहुंचे सिरौली के दंपती के मुताबिक वह लोग कपड़ा बेचने का काम करते हैं। पति ने कपड़े के व्यापार के लिए आंवला के दो सूदखोरों से एक लाख रुपये दस फीसदी ब्याज पर पांच महीने पहले उधार लिए थे। पति के मुताबिक उसने मूल और ब्याज चुका दिया। इसके बावजूद लाख रुपये का बकाया सूदखोर अब भी बता रहे हैं। आरोप है कि कपड़ा विक्रेता को 15 दिसंबर को आंवला के एक घर में तीन दिन तक बंद रखा गया। 18 दिसंबर को पीड़िता और उसके पति के एक कागज पर दस्तखत कराए गए। जिसके बाद पति को सिरौली उसके घर भेज दिया और पत्नी को आंवला के एक घर में ले जाया गया। जहां उसको नशा देकर चार दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि पीड़िता के साथ सूदखोर और उनके दो साथियों ने दुष्कर्म किया। चार दिन के बाद उसको यह कहकर छोड़ा गया कि जब बुलाये दोबारा आ जाना, तुम्हारा अश्लील वीडियो बनाया है। पति ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं। उन्हें मारने की धमकी दी गई है। आईजी ध्रुव कांत ठाकुर ने बताया कि आंवला पुलिस को मामले की जांच सौंपी गई हैै।