निवेशकों से 200 करोड़ की ठगी के मामले में श्री गंगा इन्फ्रासिटी के एमडी राजेश मौर्य और उसके एजेंटों के खिलाफ दर्ज चार अलग-अलग एफआईआर में से तीन की क्राइम ब्रांच ने विवेचना पूरी कर ली है।
क्राइम ब्रांच ने इन तीनों मामलों में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है, जबकि एक एफआईआर की विवेचना अभी चल रही है। एसपी क्राइम के मुताबिक, ठगी करने वाले कुछ एजेंटों के नाम अभी खोले जाने बाकी हैं। उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
श्री गंगा इन्फ्रासिटी के एमडी चंद्रगुप्तपुरम कॉलोनी निवासी राजेश मौर्य, एजेंट अजय मौर्य, मनोज मौर्य, दिनेश मौर्य, सिविल लांइस में वसुंधरा होटल के पीछे रहने वाले विश्वनाथ मौर्य, कृष्णनाथ मौर्य, शिवनाथ मौर्य और संदीप सिंह के खिलाफ निवेशकों ने 200 करोड़ रुपये की ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने राजेश मौर्य समेत एजेंटों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इसकी जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। राजेश मौर्य और एजेंटों के खिलाफ अनिल साहू, राजीव गुप्ता तथा संदीप मौर्य की ओर से दर्ज कराई गई अलग-अलग एफआईआर की विवेचना कर क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है, जबकि लक्ष्मी प्रसाद की ओर से दर्ज चौथी एफआईआर की विवेचना अभी जारी है।
हाल ही में राजेश मौर्य की कचहरी लॉकअप में बंदियों से मीरपीट हुई थी। इस मामले में भी राजेश मौर्य और तीन बंदियों के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।