पस्तौर क्रासिंग से खड़उआ रेल ट्रैक पर 50 फीट की दूरी में 20 पेंड्रोल क्लिप गायब होने के दूसरे दिन डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह और एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने रेल ट्रैक पर छानबीन की। उनके साथ एटीएस की टीम भी मौजूद रही। पेंड्रोल क्लिप के निकालने के पैटर्न और मौके से बरामदगी नहीं होने पर अधिकारी इस घटना को स्थानीय लोगों की शरारत मान रहे हैं। ट्रैक सुरक्षा को लेकर जीआरपी और आरपीएफ प्रभारियों को फटकार भी लगाई।
खड़उआ रेल ट्रैक पर लगे 20 पेंड्रोल क्लिप गायब होने की सूचना रविवार सुबह छह बजे कीमैन अरविंद कुमार ने कंट्रोल रूम को दी थी। रेलवे के अफसरों को जानकारी मिलने के बाद कॉशन देकर गाड़ियों को ट्रैक से गुजारा गया, हालांकि खतरा बना रहा था। कीमैन की सूझबूझ से हादसा होने से टल गया था। सूचना पर पीडब्लूआई और आरपीएफ की टीम पहुंची थी। इसके बाद गाड़ियों को 30 की रफ्तार के कॉशन पर चलाया गया था। रामपुर से भी तकनीकी टीम ने आकर पेंड्रोल वापस लगाए थे। इसके बाद सामान्य गति पर ट्रेन गुजारी जा सकी थी।
एसएसपी भड़के, लगाई फटकार
एक महीने में रेलवे ट्रैक से पेंड्रोल क्लिप निकालने की तीसरी वारदात के बाद एसएसपी और डीएम सीबीगंज पहुंचे। पटरी पर छानबीन करने के लिए एटीएस प्रभारी वीर सिंह और उनकी टीम भी मौजूद थी। उन्होंने जब जीआरपी इंस्पेक्टर नित्यानंद से घटनाक्रम के बारे में पूछा तो उन्होेंने कहा, मैं अभी नया आया हूं। यह सुनकर एसएसपी भड़क गए, बोले आप नए हैं, मैं नया हूं फिर तो हो चुका। रेल ट्रैक की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ाई जाए।