हाफिजगंज। कोहरे का फायदा उठाकर लुटेरों ने रविवार सुबह पशु खरीदने जा रहे दो लोगों से 45 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की तलाश में देर तक कांबिंग की लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका।
थाना क्षेत्र के गांव हरहरपुर मटकली निवासी पशु व्यापारी नासिर और जुबैर रविवार सुबह आठ बजे बाइक से गांव कटईया बाजार की तरफ पशु खरीदने जा रहे थे। नासिर ने बताया कि कोहरा अधिक होने से वह बाइक को धीरे धीरे चला रहे थे। गुलड़िया मोड़ पर कुछ लोग खडे़ थे। उन्होंने हाथ देकर बाइक रुकवाई। बाइक रुकते ही बदमाशों ने उनकी आंखों में कुछ लगा दिया, इससे उनकी आंखों में जलन मची और थोड़ी देर को उन्हें दिखना बंद हो गया। तब बदमाशों ने उनकी जेब से 45 हजार रुपये निकाले और भाग निकले। वह लोग केवल चीखते रह गए। घटना से हड़बड़ाये पीड़ित थाने पहुंचे और सारी घटना पुलिस को बताई। पुलिस ने बदमाशों की तलाश में कांबिंग की लेकिन कोई नतीजा नही निकला। एसओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अज्ञात लुटेरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की तलाश की जा रही है। बता दें कि शनिवार को भी दिनदहाड़े नखासे से भैंस बेचकर लौटते किसान को लूट लिया गया था, हाफिजगंज पुलिस ने इज्जतनगर का मामला बताकर पीड़ित को टाल दिया।
पशु चोरी में पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष जताया
बहेड़ी। मानवाधिकार एसोसिएशन की बैठक ललित कुमार पिपलानी के निवास पर हुई। बैठक में लगातार हो रही पशु चोरी पर पुलिस के अंकुश न लगा पाने की चर्चा की गई। रितेंद्र सिंह ने कहा कि आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। पशु चोरी के बाद जब पीड़ित थाने पहुंचता है तो पुलिस उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं करती। तय हुआ कि एसोसिएशन के लोग बरेली जाकर डीआईजी से मिलेंगे। बैठक में मनोज कुमार सिंह, अमित अग्रवाल डब्बू भईया, रमन अरोरा, रवि शर्म, प्रतीक धींगरा आदि मौजूद रहे।
..तो नहीं पकड़ी जाएगी पशु तस्करी में लगी काली गाड़ी
पुलिस पर सौदा करके गाड़ी छोड़ने की तोहमत
बहेड़ी। संरक्षित पशुओं की तस्करी के लिए इलाके में चर्चित काले रंग की जाइलो एक बार फिर चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक थाने में लाने के बाद बड़ी डील करके गाड़ी छोड़ दी गई। अब समाजसेवी इस मामले में अधिकारियों से स्थानीय पुलिस की शिकायत के मूड में हैं। क्षेत्र में संरक्षित पशुओं की तस्करी का काम तेजी से चल रहा है। एक सफेदपोश ने अपनी काले रंग की जाइलो इस काम में लगा रखी है। पुलिस को यह गाड़ी कई बार चकमा दे चुकी थी। महीने भर पहले इसे पकड़ने के लिए पुलिस ने नदेली रोड की घेराबंदी की। बावजूद गाड़ी बैरियर तोड़ते फरार हो गई। पुलिस ने पीछा किया। एक दरोगा ने गाड़ी के टायर पर फायर किये पर गाड़ी पकड़ में नहीं आई। हाल ही में इस गाड़ी को पुलिस ने नगर के एक सर्विस स्टेशन से पकड़ लिया। धुलाई के लिए खड़ी गाड़ी में पशुओं के बाल तक लगे थे। पुलिस गाड़ी को थाने ले आई। रात भर गाड़ी थाने में रही। सुबह तक डील पक्की हो गई और गाड़ी छोड़ दी गई। अब पुलिस का कहना है कि गाड़ी को शक के आधार पर लाए थे, ड्राइवर से पूछताछ के बाद कुछ संदिग्ध नहीं मिला तो छोड़ दिया।