एडीजी प्रेमप्रकाश चले गए, ट्रांसफर पर बहस अब भी जारी
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बरेली। बरेली जोन से कानपुर गए एडीजी प्रेमप्रकाश के ट्रांसफर से सोशल मीडिया पर एक खास वर्ग में खासी बहस छिड़ी हुई है। लोग कमेंट कर रहे हैं कि अनुसूचित वर्ग से जुड़े होने और जय भीम अभिवादन करने पर एक सांसद के कहने पर उन्हें हटाया गया है। तमाम लोग फेसबुक की इस पोस्ट को ऐसे व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी शेयर कर रहे हैं, जिनसे बड़े पुलिस अधिकारी भी जुड़े हैं।
अंबेडकर टीवी, दलित सेना और एक करोड़ बसपा समर्थकों का ग्रुप नाम से फेसबुक पर बने कई ग्रुप पर इन दिनों सीनियर आईपीएस प्रेमप्रकाश के ट्रांसफर का मुद्दा छाया हुआ है। एक पोस्ट है, अगर ट्रांसफर का आधार केवल जय भीम बोलना है तो गलत हुआ है, ऐसा नहीं होना चाहिए, सबको अधिकार है। एक महिला ने पोस्ट शेयर की है, जब पढ़े-लिखे लोग जातिवाद का शिकार हो रहे हैं तो सोचो कि कम पढ़े-लिखे और अक्षम लोगों का क्या होता होगा। पुलिस अफसरों और पत्रकारों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में ऐसी ही एक पोस्ट डाली गई है। इसमें लिखा है, एडीजी ने एक विधायक का स्वागत जय भीम से किया था, इसका वो बुरा मान गए। उन्होंने इसकी शिकायत डिप्टी सीएम और केंद्रीय मंत्री से की थी। इसके बाद एडीजी को हटाया गया। सवाल है कि भाजपा अंबेडकर प्रेम दर्शाती है तो ये क्या है? जबकि अंबेडकर का मार्ग धर्म, जाति, निरपेक्षता से होता हुआ बुद्ध तक पहुंचता है। इस पोस्ट पर किसी अधिकारी ने रिप्लाई नहीं किया है।