बरेली। सोशल मीडिया पर विवादित कार्टून और पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी के बाद सोमवार को दिन में शहर एवं देहात के थानों में समुदाय विशेष के लोगों ने तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की। मगर रात होने तक माहौल बिगड़ गया। स्वालेनगर में एक समुदाय के युवकों पर धार्मिक टिप्पणी की गईं तो विवाद भड़क गया और खुराफातियों ने फायरिंग करके स्वालेनगर में दहशत फैला दी। इसके बाद वे तमंचे लहराते हुए भाग निकले। फायरिंग के दौरान दो युवक छर्रे लगने से घायल हुए। बवाल की खबर आग की तरह फैल गई और बड़ी तादात में लोग सड़क पर आ गए। दो समुदायों को सामने देख पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आठ थानों का फोर्स स्वालेनगर पहुंच गया। पुलिस ने तनाव का माहौल देखते हुए लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ दिया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं, किला थाने में 11 बवालियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
रात करीब 10 बजे स्वालेनगर निवासी मांझा कारीगर नाजिम पुत्र राशिद और नसरत पुत्र अनवार खाना खाने के बाद घरों से निकलकर दिल्ली हाईवे किनारे एक मीनार मस्जिद के पास खड़े होकर बातें कर रहे थे। इसी बीच किला की ओर से चंदननगर निवासी दूसरे समुदाय के करीब 11 युवक बाइकों पर गुट बनाकर वहां से निकले। नाजिम के मुताबिक इन युवकों ने उन्हें देखकर धार्मिक टिप्पणी की। उन्होंने एतराज किया तो तमंचे निकालकर उनकी ओर फायर कर दिया। कुछ छर्रे नाजिम के बायें कूल्हे और नसरत के बायें हाथ में छर्रे लगे। नाजिम चीखकर गिरा तो हमलावरों ने दो और हवाई फायर किए। फिर इन्हीं की गली से होकर हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की मदद को इलाके भर के लोग जमा हो गए। कुछ लोगों ने हमलावरों का पीछा करने की कोशिश की लेकिन उनके हाथों में तमंचे देख लौट आए। हाईवे किनारे फायरिंग और भीड़ की सूचना पर पहले किला थाने की पुलिस पहुंची। बाद में सीओ द्वितीय सीमा यादव के नेतृत्व में कई अन्य थानों की पुलिस व यूपी 100 की गाड़ियां पहुंच गईं। सीओ ने गुस्साए लोगों को शांत कर दोनों घायलों को जिला अस्पताल भेजा। वहां नाजिम को भर्ती कर लिया गया तो नसरत को परिजन प्राथमिक उपचार के बाद घर ले गए। देर रात नाजिम के भाई आसिफ की ओर से चंदननगर निवासी वीरेंद्र, सोनू, मोनू, मिंटी, अमित व पतिया के खिलाफ बलवा एवं जानलेवा हमले की रिपोर्ट लिखाई गई।
घरों में दुबके लोग, छावनी बना इलाका
फायरिंग करते हुए खुराफाती गलियों से भागे तो इलाके में दहशत फैल गई। थोड़ी ही देर में सारे घरों के दरवाजे बंद हो गए और लोग अनहोनी की आशंका से सिहर उठे। थोड़ी देर में माहौल शांत हुआ तो लोग बाहर निकले। मगर दूसरे समुदाय के लोगों की ओर से फायरिंग का पता लगा तो माहौल गरमाने लगा। थोड़ी ही देर में गलियां भीड़ से भर गईं। हाईवे किनारे भी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद फोर्स ने आकर स्थिति संभाली।
बुजुर्गों ने समझाया तो शांत हुई भीड़
पुलिस के आने के बावजूद भीड़ नियंत्रित होने का नाम नहीं ले रही थी। पुलिस लोगों को समझा रही थी कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी पर लोग मौके से नहीं हट रहे थे। एकबारगी पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं। लड़के उग्र हुए तो मोहल्ले के बुजुर्ग सामने आ गए। उन्होंने लड़कों को समझाकर घरों को भेजा।
पुलिस की दबिश में मिली सिर्फ महिलाएं
सीओ द्वितीय के नेतृत्व में फोर्स ने चंदननगर में दबिश दी। हमलावर डेयरी संचालक व पशुपालक बताए जा रहे थे। हालांकि पुलिस के आने से पहले ही बस्ती के अधिकांश युवक फरार हो गए। अधिकांश घरों पर महिलाएं और बच्चे ही मिले। पुलिस चेतावनी देकर लौट आई कि आरोपियों को थाने भेज देना।
पहले भी हुए हैं विवाद
स्वालेनगर में एक मीनार मस्जिद क्षेत्र में पहले भी विवाद होते रहे हैं। पास ही वाल्मीकि बस्ती होने के चलते पूर्व में यहां जानवरों को लेकर भी विवाद हो चुके हैं।
दो समुदायों के लड़कों का झगड़ा हुआ था। बताया गया कि धर्म विशेष पर टिप्पणी की वजह से तनातनी बढ़ी। घायलों की हालत ठीक है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्दी गिरफ्तारी हो जाएगी। - सीमा यादव, सीओ सेकेंड