बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा की तहरीर पर मंगलवार को थाना बारादरी में पांच संविदा कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। कर्मचारियों पर प्राचार्य और शिक्षकाें को बंधक बनाने, उनसे गालीगलौज और धक्कामुक्की करने तथा प्राचार्य की मेज पर थूकने का आरोप है। प्राचार्य ने रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही पुलिस से कॉलेज में शैक्षणिक माहौल बहाल करने के लिए सुरक्षा की भी मांग की है।
प्राचार्य ने अपनी तहरीर में कहा है कि कॉलेज में माहौल खराब करने के उद्देश्य से संविदा पर काम करने वाले तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का समूह 14 अगस्त को दोपहर दो-ढाई बजे उनके कार्यालय में घुस आया। समूह का नेतृत्व जितेंद्र मिश्रा, हरीश मौर्य कर रहे थे। उनके साथ रामपाल माली, रोहिताश शर्मा एवं वीरेंद्र कुमार आदि भी थे। तहरीर के मुताबिक, इन लोगों ने अन्य शिक्षकों की मौजूदगी में प्राचार्य के साथ गालीगलौज की। कहा, कॉलेज नहीं चलने देंगे, ताले डाल देंगे। इसके बाद वीरेंद्र कुमार ने प्राचार्य की मेज पर थूक दिया और हरीश मौर्य ने प्राचार्य को धक्का दिया। सबने मिलकर प्राचार्य से अभद्रतापूर्ण और अमर्यादित व्यवहार किया। प्राचार्य और शिक्षकों के साथ धक्कामुक्की करते हुए मेज पर रखे महत्वपूर्ण कागजात उठा लिए। कमरे के दोनों दरवाजे बंद करके प्राचार्य और स्टाफ को जबरदस्ती बंधक बनाए रखा। उस समय प्राचार्य कक्ष में डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. राजीव मेहरोत्रा, डॉ. नवीन चंद्र उप्रेती एवं पंकज अग्रवाल आदि मौजूद थे।
प्राचार्य का कहना है कि इस तरह के कृत्य से कॉलेज का शैक्षणिक माहौल खराब हो गया और मजबूरन उन्हें कॉलेज बंद करना पड़ा। इससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 17 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस के कारण कार्रवाई नहीं की जा सकी। प्राचार्य ने मांग की कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और कॉलेज में भी सुरक्षा के लिए पुलिस लगाई जाए ताकि शिक्षण कार्य बहाल हो सके। बारादरी इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने बताया, प्राचार्य की तहरीर के आधार पर पांच कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
मेज पर थूकने का आरोपी बोला- मुझे प्राचार्य ने पीटा, गालीगलौज की
बरेली कॉलेज के जिस कर्मचारी पर प्राचार्य की कुर्सी पर थूकने का आरोप है, उसने अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद प्राचार्य पर मारपीट का आरोप लगा दिया है। वीरेंद्र कुमार नाम के इस कर्मचारी ने एसएसपी को दिए पत्र में कहा है कि प्राचार्य ने मंगलवार को उसे जातिसूचक शब्द कहे और बैरियर के पास लात घूंसों से पीटा। हालांकि पत्र पर 24 अगस्त की तिथि पड़ी है। इधर, प्राचार्य का कहना है कि मंगलवार को तो वह कॉलेज ही नहीं गए थे, फिर मारपीट कैसे कर सकते हैं। अस्थायी कर्मचारी वीरेंद्र के मुताबिक, मंगलवार सुबह दस बजे प्राचार्य कॉलेज आए। पश्चिमी बैरियर पर प्राचार्य ने उसे जातिसूचक शब्द कहे और लात-घूंसों से पीटा। जितेंद्र मिश्रा, वीर कुमार ने उसे बचाया। दरअसल, प्राचार्य ने हरीश मौर्या, वीरेंद्र, जितेंद्र मिश्रा समेत पांच कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। माना जा रहा है कि इसकी पेशबंदी में कर्मचारियों ने प्राचार्य पर मारपीट का आरोप लगाया है। कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा का कहना है कि प्राचार्य ने कर्मचारी वीरेंद्र कुमार के साथ मारपीट की। इसके विरोध में 24 अगस्त को कर्मचारी आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के खिलाफ गलत तरीके से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
प्रबंधन ने बनाया पांच सदस्यीय एडवाइजरी बोर्ड
प्राचार्य को हर मामले में मदद करने के लिए प्रबंधन ने पांच सदस्यीय एडवाइजरी बोर्ड बनाया है। मंगलवार को प्रबंध समिति के सचिव देव मूर्ति के निवास पर हुई बैठक में तय हुआ कि प्राचार्य की मदद के लिए एडवाइजरी बोर्ड बनाया जाएगा। बोर्ड में डॉ. रीना अग्रवाल, डॉ. संजीव सक्सेना, डॉ. अनुराग मोहन, डॉ. नसीम अख्तर, डॉ. मंजू सिंह को शामिल किया गया है। 24 अगस्त को कॉलेज खोलने का एलान किया गया है। ऐसे में कर्मचारी फिर आंदोलन कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो प्रबंधन ने बोर्ड के बहाने प्राचार्य के फैसलों पर निगरानी बैठा दी है। बोर्ड में जो शिक्षक शामिल हैं वे वरिष्ठता सूची को लेकर पहले से ही प्राचार्य के खिलाफ हैं। इसमें दो शिक्षक तो खुला विरोध जता चुके हैं। इधर, प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा का कहना है कि एडवाइजरी बोर्ड उनकी सहायता के लिए बनाया गया है। प्रबंधन ने जो कदम उठाया है, सही उठाया है। इस मामले में वह और कुछ नहीं कहना चाहते।
अस्थायी कर्मचारी पहुंचे आरएचईओ के पास
अस्थायी कर्मचारियों को अब कॉलेज बंद होने के दिनों का वेतन कटने का डर सताने लगा है। मंगलवार को अस्थायी कर्मचारी आरएचईओ डॉ. राजेश प्रकाश से मिले। कर्मचारियों ने कहा, वे प्रतिदिन कॉलेज आते थे, लेकिन कॉलेज बंद था तो उनको मायूस होकर लौटना पड़ता था। आरएचईओ ने उनका प्रत्यावेदन लिया और कॉलेज से जवाब मांगा है। आरएचईओ राजेश प्रकाश ने बताया कि कर्मचारी मिलने आए थे। उनका पत्र लेकर कॉलेज से जवाब मांगा है।