बुधवार को ईद-उल-अजहा के लिए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जगह-जगह छतों पर दूरबीन के साथ फोर्स तैनात रहेगी और ड्रोन से निगरानी होगी। शहर में 400 से अधिक मस्जिदों और ईदगाह में ईद की नमाज पढ़ी जाएगी। इस दौरान शहर मेें भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने रूट डायवर्जन भी कर दिया है।
सावन में कावंड़यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दूसरे जिलों से आया पुलिस बल अभी यहां मौजूद है। इसे अब ईद की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। सभी प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस पिकेट लगाई गई है। ईदगाहों पर भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। कुछ स्थानों पर पुलिसकर्मी छतों पर भी तैनात रहेंगे। इसके अलावा प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं, ईद के चलते बुधवार को सुअर बाड़े से न निकलने दिए जाएं और न ही कोई नई परंपरा पड़ने दी जाए।
इन विवादों पर रहेगी नजर
कोतवाली के मोहल्ला आजम में वर्ष 2013 में सड़क पर कुर्बानी देने की कोशिश की गई थी, इससे माहौल खराब हो गया था। इसके अलावा बिथरी के गांव सैदपुर कुर्मियान में मस्जिद न होने के बावजूद सामूहिक नमाज पढ़ने के प्रयास और पालपुर कमालपुर में नमाज को लेकर पूर्व में हुए विवाद के चलते इन सभी स्थानों को संवेदनशील मानते हुए निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
रूट डायवर्जन
आज सुबह सात से दोपहर दो बजे तक शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री
बरेली। बुधवार को ईद पर शहर में सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक रूट डायवर्जन लागू रहेगा। इस दौरान भारी वाहनों को शहर में घुसने की अनुमति नहीं मिलेगी। बरेली से बदायूं की तरफ आने-जाने वाले भारी वाहन रामगंगा तिराहा, लाल फाटक, कैंट, चौकी चौराहा, मालियों की पुलिया, सेटेलाइट से अपने गंतव्य की ओर आ-जा सकेंगे। कोई भी भारी वाहन रामगंगा तिराहा से चौपुला पुल की ओर नहीं जाएगा। लखनऊ से दिल्ली और मेरठ की ओर आने-जाने वाले भारी वाहन बड़ा बाईपास होकर गुजरेंगे। पीलीभीत और नैनीताल की ओर से लखनऊ की ओर जाने वाले भारी वाहन बड़ा बाईपास, फरीदपुर होकर जाएंगे। पीलीभीत, बीसलपुर की ओर से बदायूं की ओर आने-जाने वाले भारी वाहन सेटेलाइट, चौकी चौराहा, लाल फाटक, रामगंगा होकर गुजरेंगे। पीलीभीत और नैनीताल की ओर से दिल्ली जाने वाले भारी वाहन भी बड़ा बाईपास होकर निकलेंगे। दिल्ली की ओर से आने वाली रोडवेज बसें परसाखेड़ा तिराहे से बड़ा बाईपास, विलयधाम, बैरियर दो, सेटेलाइट, चौकी चौराहा होकर पुराने बस अड्डे पर जाएंगी। वापसी के लिए भी यही रूट रहेगा।