बरेली। कोहाड़ापीर में लूट की वारदात के बाद सिटी कंट्रोल रूम को बदमाशों के बड़ा बाईपास पर भागने का पहला मेसेज पीआरवी 178 की ओर से मिला। इसके बाद सीओ सिटी के वायलेस मेसेज पर बदमाशों की घेराबंदी की गई तब भी पीआरवी 178 इसमें शामिल रही। यह इत्तफाक यहीं खत्म नहीं होता, बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराने में भी पीआरवी 178 के स्टाफ ने हिस्सा लिया। ठीक इसी वक्त बड़ा बाईपास के इस सर्किल में पुलिस की कई और गाड़ियां भी बदमाशों की तलाश में दौड़ रही थीं, मगर उनका बदमाशों से कहीं सामना नहीं हुआ। इस इत्तेफाक पर भी पुलिस के अधिकारी कुछ कहने से कतराते रहे।
कोहाड़ापीर पर सुबह 5:45 बजे वारदात होने के बाद कुतुबखाना की ओर भागे बदमाशों की लोकेशन करीब सवा सात बजे पहली बार पीआरवी 178 ने ही सिटी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। पीआरवी 178 की ओर से कंट्रोल रूम को मेसेज दिया गया था कि बड़ा बाईपास पर वह बदमाशों का पीछा कर रही है। पुलिस की लिखापढ़ी के मुताबिक इसके बाद डेलापीर पर दोपहर साढ़े बारह बजे सीओ सिटी कुलदीप कुमार के बदमाशों के पीछे लगने के बाद रिठौरा की तरफ से उनकी घेराबंदी भी पीआरवी 178 ने ही की। इसके बाद अहलादपुर में जब दोपहर 2:45 बजे मुठभेड़ हुई तब भी पीआरवी 178 मौजूद थी। एनकाउंटर करने वाली टीम में पीआरवी 178 के हेड कांस्टेबल सफदर अली, कांस्टेबल शाहिद हुसैन और चालक होमगार्ड राजेश का नाम भी शामिल किया गया है। इस तरह पीआरवी 178 करीब साढ़े सात घंटे तक बदमाशों के पीछे लगी रही, लेकिन फिर भी उन्हें पकड़ा नहीं जा सका। सवाल यह भी है कि बदमाश बड़ा बाईपास पर आगे निकलने के बजाय शहर में क्यों घुसे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि रिठौरा की तरफ पीआरवी की ही हाईवे पर ड्यूटी थी। इसी कारण वह बदमाशों के पीछे लगी थी। एसएसपी मुनिराज जी. का कहना था कि यह भी हो सकता है कि सुबह जब पीआरवी ने मेसेज दिया था तब किन्हीं और बदमाशों से उसका सामना हुआ हो।