सिरौली। अंजनि गांव के लोगों को पकड़कर मादक पदार्थ की तस्करी में फंसाने की धमकी देकर उगाही के आरोपों से घिरे सिरौली इंस्पेक्टर ने अपने बयान में आरोपों को बेबुनियाद बताया है। सीओ आंवला कार्यालय को उन्होंने लिखित बयान सौंप दिए हैं। वहीं ग्रामीणों की शिकायत पर सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सीओ आलोक अग्रहरि को फोन करके कहा- अगर ग्रामीणों से रुपये लिए गए हैं, तो उन्हें वापस दिलाओ। शुक्रवार को ग्रामीणों ने घटना के संबंध में डीजीपी मुख्यालय को भी पत्र लिखकर शिकायत की है।
सिरौली पुलिस की मनमानी सिंचाई मंत्री धर्मपाल तक पहुंची तो शुक्रवार को उन्होंने सीओ आलोक अग्रहरि को फोन करके नाराजगी जाहिर की। मंत्री ने सीओ से कहा कि मामले की गंभीरता से जांच करें। अगर रुपये लिए गए हैं तो ग्रामीण के रुपये वापस कराए जाएं। वहीं ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीजीपी कार्यालय में भी की है। दूसरी ओर इंस्पेक्टर सिरौली ने सीओ को अपना लिखित बयान देकर आरोपों को बेबुनियाद बताया है। बता दें कि गुरुवार को अंजनि गांव के निवासी प्रेमशंकर, खुशीराम, देवीदास, कृष्णपाल, राधेश्याम और डालचंद आदि ने सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह से उनके आवास पर मिलने पहुंचे थे। प्रेमशंकर ने आरोप लगाया था कि धनतेरस की शाम उनका बेटा उदयराज और उसके चार साथी बाजार से बर्तन खरीदने गए थे। बेटे के पास उनके दामाद की अल्टो कार थी। जब यह लोग थाने के पास से निकले तो पुलिस ने कार चोरी की बताकर रोक लिया और उन लोगों को हवालात में डाल दिया। इसके बाद कार में कोई काली वस्तु डालकर स्मैक बरामद होना बताया। छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये मांगे, मगर इंस्पेक्टर ने एक लाख रुपये लेकर छोड़ दिया था।