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भाजपा की आईटी सेल पर प्रेक्षक का छापा, ताले डलवाए

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बरेली। ईवीएम में गड़बड़ी का शक गैरभाजपाई दलों पर इस कदर हावी हुआ कि मतदान के दौरान दोपहर के वक्त रामवाटिका कॉलोनी के नजदीक चल रहे एक कॉल सेंटर के बाहर इकट्ठे हुए तमाम लोगों ने यह कहते हुए हंगामा खड़ा कर दिया कि कॉल सेंटर की आड़ में भाजपी की आईटी सेल चलाई जा रही है और यहां से आसपास के बूथ की ईवीएम को हैक करने के साथ वोटरों को प्रलोभन भी दिया जा रहा है। शिकायत प्रशासन तक पहुंची तो चुनाव प्रेक्षक ने पुलिस और प्रशासन के कई अफसरों के साथ कॉल सेंटर पर छापा मारा। काफी देर छानबीन के बाद कॉल सेंटर पर ताला डलवा दिया गया। इस बीच भीड़ उसे घेरे रही। इस बीच शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार समेत भाजपा के कुछ नेता पहुंचे तो सत्ता विरोधी नारे भी लगे। पुलिस ने प्रारंभिक जांच-पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट प्रेक्षक को दे दी है।
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रामवाटिका कालोनी के गेट नंबर तीन से सटी एक बिल्डिंग में चल रहे पतंजलि स्टोर के बेसमेंट में यह कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। बताया जाता है कि कुछ समय पहले भाजपा ने इस कॉल सेंटर को हायर कर यहां से सोशल मीडिया पर अपने चुनाव प्रचार का अभियान शुरू किया था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कॉल सेंटर के बाहर इकट्ठे हुए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और आरोप लगाया कि यहां से भाजपा के लोग मतदान प्रभावित कर रहे हैं। सामान्य प्रेक्षक दिनेश वागमारे से भी शिकायत कर दी गई, जिसके बाद व्यय प्रेक्षक एचके मेश्राम ने एडीएम सिटी महेंद्र कुमार, एसपी सिटी अभिनंदन सिंह, सीओ फर्स्ट कुलदीप कुमार और सीओ थर्ड पीपी सिंह ने भारी फोर्स के साथ कॉल सेंटर पर छापा मार दिया। इस दौरान कॉल सेंटर में करीब 18-20 लोग काम करते मिले।
अधिकारियों ने कॉल सेंटर के मैनेजर से पूछताछ की तो पता चला कि यहां से फोन के जरिये जिले भर से मतदान का रुझान और आंकड़े इकट्ठे किए जा रहे हैं, साथ ही कार्यकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। कॉल सेंटर की दीवारों पर पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम के साथ अंबेडकर नगर और संतकबीर नगर के बूथ समिति प्रोफार्मा चार्ट, भाजपा के एमएलए और एमपी की सूची चस्पा थी। शीशों पर कॉल सेंटर के इंटर्नल प्रोसेस की डिटेल दर्ज थी। फोर्स पहुंची तो कॉल सेंटर के कर्मचारियों ने कंप्यूटर पर शॉपिंग वेबसाइट खोल ली। इंस्पेक्टर बारादरी कृष्णवीर ने बताया कि कॉल सेंटर कई दिनों से चल रहा है। छानबीन में पता चला है कि चुनाव से पहले भाजपा ने भी इस कॉल सेंटर को जिले भर में सूचनाओं के आदान-प्रदान का ठेका दिया था। कॉल सेंटर से मतदान प्रभावित किए जाने के आरोपों को अधिकारियों ने गलत बताया। हालांकि कॉल सेंटर पर ताला डलवाकर बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रेक्षक को दे दी है।
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भीड़ ने हल्ला मचाया तो अंदर से निकले डॉ. प्रमेंद्र
शाम को सांसद संतोष गंगवार पहुंचे, ली घटनाक्रम की जानकारी
कॉल सेंटर के बाहर इकट्ठी भीड़ ने काफी देर हंगामा किया। पुलिस पहुंची तो आरोप लगाया कि अंदर भाजपा के नेता मौजूद हैं। गेट पर अंदर से ताला लगा था। पुलिस ने बाहर से अंदर मौजूद लोगों को बाहर आने को कहा। इसके बाद अंदर मौजूद डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी बाहर निकले तो लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। नगर विधायक भी इस दौरान मौजूद थे। पुलिस मौजूद होने की वजह से भीड़ ज्यादा उग्र नहीं हुई और डॉ. प्रमेंद्र चुपचाप वहां से निकल गए। शाम को केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार कॉल सेंटर पर पहुंचे और दिन भर के घटनाक्रम की जानकारी ली।

ऊपर से आई कॉल तो अफसरों की बोतली हुई बंद
कॉल सेंटर में भाजपा का आईटी सेल चलाए जाने की सूचना पर छापा मारने पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक के अधिकारियों ने काफी देर वहां छानबीन की। अधिकारी जिस दौरान इस कॉल सेंटर के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की बात कह रहे थे, ठीक उसी दौरान एक अधिकारी के पास एक फोन कॉल आई और उसके बाद सभी अधिकारी सेंटर से बाहर निकल आए। इसके बाद उनकी भाषा भी बदल गई। कॉल सेंटर पर ताला लगवाने के बाद बाहर पुलिस तैनात कर अधिकारी लौट गए।

बिल्डिंग मालिक ने भी दी 400 लोगों के खिलाफ तहरीर
कॉल सेंटर बिल्डिंग के मालिक आशू अग्रवाल ने भी करीब 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना बारादरी में तहरीर दी है। आशू के मुताबिक उनकी बिल्डिंग एक कंपनी ने आईटी कार्यालय चलाने के लिए किराये पर ले रखी है। किसी ने यहां एक पार्टी का आईटी सेल चलने की सूचना दी तो पुलिस ने छापा मारा। इसी दौरान करीब 400 लोग उनके घर पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। उनके घर को जला देने की धमकी भी दी। इस दौरान उनके घर पर मौजूद उनके मित्र प्रमेंद्र माहेश्वरी के साथ परिवार के लोग भी सहम गए।

कॉल सेंटर से मतदाताओं को घर से बुलाकर प्रेरित किए जाने की सूचना मिली थी। जांच कराई जा रही है, अगर पुष्टि हुई कि वहां ऐसा कोई प्रचार किया जा रहा था तो इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन का मामला मानते हुए रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।- महेंद्र कुमार, एडीएस सिटी

प्रेक्षक के निर्देश पर पुलिस पहुंची थी और भवन के संबंधित हिस्से को सील कर दिया। हमने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट भी प्रेक्षक को सौंप दी। उनके आदेश पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी। - पीपी सिंह, सीओ थर्ड
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