खुफिया एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया है। आशंका जताई है कि आतंकी सेना या पुलिस जैसी गाड़ी में आ सकते हैं। इसके चलते ड्रोन आदि से कड़ी निगरानी की जाएगी। अलर्ट के बाद पुलिस ने शहर के होटलों में जाकर रजिस्टर आदि चेक किए। स्टाफ को सारे रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
सामरिक दृष्टि से बरेली महत्वपूर्ण स्थानों में शुमार है। यहां सेना की गरुड़ डिवीजन, जाट रेजिमेंट सेंटर, इंजीनियरिंग रेजिमेंट आदि हैं। वायुसेना, आईटीबीपी और बीएसएफ के भी कैंप हैं। रेलवे का इज्जतनगर मंडल, इफको और आईवीआरआई जैसे महत्वपूर्ण संस्थान हैं। सेंट्रल और जिला जेल में डॉन बबलू श्रीवास्तव और उसके साथियों के अलावा सीआरपीएफ कैंप पर हमले के आरोपी समेत कई बड़े अपराधी बंद हैं। अलर्ट जारी होने के बाद मंगलवार को खुफिया विभाग की एक टीम ने कई होटलों और एक धर्मशाला समेत कुछ स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। होटलों में खासतौर से विदेशियों का रिकॉर्ड चेक किया गया। सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन यंत्र भी देखे। कुछ होटलों में कई सीसीटीवी कैमरे खराब मिले। उन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए गए। खुफिया विभाग की टीम ने फीनिक्स मॉल में भी सुरक्षा इंतजाम देखे।
संवेदनशील है बरेली, पकड़ा जा
चुका है आईएसआई का जासूस
खुफिया विभाग की नजरों में बरेली संवेदनशील शहरों में शामिल है। आतंकियों से यहां के कनेक्शन भी सामने आ चुके हैं। पिछले दिनों मेरठ से गिरफ्तार हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जासूस एजाज उर्फ मो. कलाम ने ही बरेली को अपना ठिकाना बना रखा था। वह प्रेमनगर के मोहल्ला शाहबाद में फोटोग्राफर बनकर लंबे समय से रह रहा था। उसने यहां का आधार कार्ड भी बनवा लिया था और वोटर कार्ड बनवाने की तैयारी में था। इसी बीच दबोच लिया गया। इसके बाद पिथौरागढ़ में पकड़े गए आईएसआई एजेंट रमेश ने भी त्रिशूल एयरबेस, आईटीबीपी कैंप की रेकी करने की बात कबूली थी।