फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीआई ने खोली फाइल, तलाशेगी असली गुनहगार

विज्ञापन
सीबीआई ने खोली फाइल, तलाशेगी असली गुनहगार - फोटो : बरेली, अमर उजाला
विज्ञापन
बरेली।
विज्ञापन

पांच साल बाद ममता आश्रम में मिली किरन के साथ क्या हुआ। किसने उसे मेरठ के नारी निकेतन तक पहुंचाया। इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए सीबीआई की टीम ने किरन मामले की फाइल फिर से खोल दी है। असली गुनहगारों तक पहुंचने के लिए छानबीन शुरू कर दी गई है। मेरठ नारी निकेतन और ममता आश्रम के कर्मचारियों के भी पूछताछ हो सकती है।
हाईकोर्ट के आदेश पर किरन उसके पिता को तो मिल गई, लेकिन 23 मई, 2012 को तुगलकाबाद के सिलाई और कढ़ाई सेंटर से थाने जाने के बाद क्या हुआ। किरन थाने से कहां गई। इसके बाद मेरठ के नारी निके तन कैसे और किन हालात में पहुंची। किस थाने की पुलिस ने उसे नारी निकेतन में दाखिल किया। उसका मेडिकल कराया गया या नहीं? लापता होेने से नारी निकेतन पहुंचने के बीच किरन कहां थी। इस सब सवालों के जवाब सीबीआई ने तलाशने शुरू कर दिए हैं। हाईकोर्ट ने 2014 में किरन की तलाश की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ममता को तलाश नहीं पाई थी, इसलिए उसका पता बताने वाले को पांच लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की गई थी। परेशान होकर सीबीआई ने केस ठंडे बस्ते में डाल दिया था। सोमवार को बरेली के ममता आश्रम में किरन से मिल जाने के बाद सीबीआई अब केस को बेहद संजीदगी से ले रही है। हाईकोर्ट ने सीबीआई से मामले में 30 अगस्त तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। इसके बाद सीबीआई ने असली गुनहगारों की तलाश शुरू कर दी है। किरन के पिता ने बताया कि ममता आश्रम से ही उन्हें बेटी के साथ दरिंदगी की जानकारी मिली है। सीबीआई ने उसका मेडिकल कराया है। इसके अलावा किरन की फाइल में भी दरिंदगी का सुबूत बताया जा रहा है। किरन केस में फिर से जांच शुरू हो गई है। उन्हें उम्मीद है कि सीबीआई सारी हकीकत सामने लाकर उनकी बेटी के गुनहगारों को सजा दिलाएगी। किरन जहां भी रही है, वहां के लोगों और संस्था के कर्मचारियों से पूछताछ होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

नारी निकेतन में लड़कियों की काउंसलिंग कराई
बरेली। डीपीओ नीता अहिरवार ने नारी निकेतन की लड़कियों की काउंसलिंग शुरू करा दी है। मना ेसमर्पण मनोसामाजिक सेवा समिति के शैलेश कुमार ने नारी निकेतन के स्टाफ के साथ वहां रहने वाली लड़कियों से बात की। एक लड़की के पिता दिल्ली में रेलवे स्टेशन पर काम करते हैं। उन्हें पता है कि उनकी लड़की नारी निकेतन, बरेली में हैं, लेकिन वह उसे लेने नहीं आ रहे हैं। इसी तरह अलीगढ़ की लड़की की कहानी में तो काउंसलर भी उलझ गए। उसे काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह घर जाने को तैयार ही नहीं हुई है। डीपीओ ने बताया कि लड़कियों की काउंसलिंग कराकर जल्द ही घर भिजवाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें