बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अरुण कुमार पाठक ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने का षडयंत्र रचने के आरोपी थाना इज्जतनगर के ग्राम करमपुर चौधरी निवासी कलुआ की जमानत अर्जी खारिज कर दी। डीजीसी फौजदारी जहां आरा के अनुसार वादी ने थाना सिरौली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय बहन को गांव के तौफीक की मदद से कलुआ बहला-फुसलाकर ले गया था। तलाश करने पर नहीं मिली। पीड़िता की स्कूली प्रमाणपत्र में जन्म तिथि 20 मार्च, 2004 दर्शायी गई है, जबकि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उसकी आयु 18 वर्ष है। कोर्ट ने माना कि रेडियोलॉजिकल उम्र में दो वर्ष का अंतर दोनों तरफ हो सकता है। तथ्यों की परिस्थितियों के मद्देनजर न्यायाधीश ने जमानत का कोई आधार नहीं पाया।
बिना प्रतिफल के बैनामा निरस्त कराया जाए
बरेली। ग्राम चौबारी की सोनी व उनकी सास संतोषा ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा उनके पति/ पुत्र (कमल सिंह) से दो लाख नकद व छह लाख रुपये का चेक दर्शाकर बैनामा कराने की शिकायत करते हुए ऐसा बिना प्रतिफल के कराए गए बैनामा को जांच कराकर निरस्त कराने की अपील की है। दोनों महिलाओं का कहना है कि कमल सिंह को कथित छह लाख रुपये का चेक दिया ही नहीं गया है और न ही किसी बैंक से उसका भुगतान हुआ है। मामले की जांच कराने पर सच्चाई का पता लग सकता है।