खजुरिया ब्रह्मनान के कांवड़ियों को अपने गांव से न निकलने देने के लिए उमरिया गांव में एक समुदाय के लोगों के हथियार लहराने की खबर ने पड़ोस के गांव मोहनपुर के लोगों को भड़का दिया। नतीजा यह हुआ कि एक तरफ से हथियार और डंडे लेकर उमरिया के लोग हाईवे पर पहुंच गए तो दूसरी तरफ से मोहनपुर के लोगों ने भी हथियार लेकर हाईवे की ओर कूच कर दिया। हालात विस्फोटक होते देख मौके पर मौजूद अफसर तनाव में आ गए। जैसे-तैसे हालात पर काबू पाया गया।
नकटिया पुलिस चौकी के सामने मोहनपुर की बेकाबू भीड़ नारेबाजी करते हुए उमरयिा में घुसने के लिए आगे बढ़ी तो तो पुलिस बीच में दीवार बनकर खड़ी हो गई। फोर्स ने दोनों पक्षों के लोगों को एक-दूसरे की तरफ बढ़ने से रोके रखा। मोहनपुर तिराहे पर बड़ी संख्या में डंडे-हॉकी लहराते हुए लोगों की भीड़ मौजूद होने का वायरलेस मेसेज प्रसारित होने के बाद कोतवाली, कैंट, सुभाषनगर थानों का पुलिस बल भी मोहनपुर तिराहे पर बुला लिया गया। सीओ सेकेंड अशोक मीना ने गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर की जद्दोजहद के बाद भी लोग नहीं मान रहे थे। इसी दौरान पुलिस लाइन का फोर्स आने के बाद लाठियां फटकारते हुए लोगों को मोहनपुर के अंदर तक खदेड़ा गया। उमरिया मोड़ पर भी मोर्चा लेने को तैयार खड़े लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया।
उमरिया मोड़ को सील किया
तनाव की स्थिति को देखते हुए कुछ देर में ही ठिरिया का पूरा बाजार बंद हो गया। हाईवे पर पेट्रोल पंप को भी एहतियातन बंद करा दिया गया। पचास कदम की दूरी पर दोनों मोड़ पर भारी पुलिस बल तैयार कर दिया गया। उमरयिा मोड़ को बैरिकेडिंग कर सील करा दिया गया। छतों पर खड़े लोगों के चेहरों पर तनाव साफ नजर आ रहा था।