नई जिला जेल में तैनात एक बंदी रक्षक एक युवती को पिछले एक साल से शादी का झांसा दे रहा था कि पहली पत्नी से तलाक होने के बाद वह उससे शादी कर लेगा। हाल में युवती को पता चला कि बंदी रक्षक ने उसको धोखा देकर दूसरी जगह शादी तय कर लीहै। इसकी भनक लगने पर युवती ने जहर खा लिया। उसको गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
पुरानी जिला जेल कॉलोनी निवासी कुसुमलता के पति स्व. जितेंद्र सिंह चौहान भी बंदी रक्षक थे। कुसुमलता ने बीते सोमवार को कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया था कि उनकी बेटी दीक्षा चौहान की शादी एक साल पहले एटा के कटरा निवासी सौरभ पुंडीर से तय हुई थी। वह जिला जेल में बंदी रक्षक है। 24 मई 2016 को सरकारी आवास में दीक्षा और सौरभ की गोद भराई भी हुई थी। कुसुमलता ने एक बाइक, एलसीडी टीवी और 50 हजार नगद दिया था। बाद में उन्हें पता चला कि सौरभ का विवाह एटा की अनामिका के साथ पहले ही हो चुका था। सौरभ ने झांसा दिया था कि वह अनामिका को तलाक दे रहा है, प्रक्रिया पूरी होने के बाद शादी कर लेगा। कुसुमलता और उनकी बेटी दोनों शादी का इंतजार करती रहीं इसी दौरान उनके पड़ोस में सौरभ की शादी का कार्ड आ गया। इसमें वह 28 जून को एटा की नेहा से दूसरी शादी कर रहा था। आरोप है कि सौरभ ने दहेज में तीन लाख रुपये और कार नहीं मिलने पर रिश्ता तोड़ा है। बताते हैं कि कार्ड आने के बाद दीक्षा को लगा कि उसकी दुनिया उजड़ गई है। उसने घर के कमरे में जहर खा लिया। जिसके बाद परिवार उसको गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों के मुताबिक पीड़िता की हालत में सुधार है।