बरेली। बाकरगंज में मंदिर की मूर्तियां खंडित करने को लेकर एक पक्ष के खिलाफ कार्रवाई पर अड़े लोगों ने तीन दिन पहले कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान आत्मदाह की कोशिश की थी। इन्होंने अपने ऊपर केरोसिन उड़ेल लिया था। अब इनमें से तीन लोगों के शरीर पर फफोले पड़ गए हैं। समाजसेविका को इन्फेक्शन के बाद जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। मसले का हल अभी भी नहीं निकल सका है।
22 मई की रात मूर्तियां तोड़ने का मामला गरमाया हुआ है। 27 मई को अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रशांत शर्मा, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की जिला सचिव पुष्पा रानी आदि ने कलक्ट्रेट गेट पर हंगामा कर सामूहिक आत्मदाह की कोशिश की। प्रशांत ने अपने बैग में रखी केरोसिन की बोतल निकालकर अपने ऊपर उड़ेलने की कोशिश की। पुलिस ने बोतल छीनने की कोशिश की तो तेल आसपास मौजूद लोगों पर भी गिर गया। इससे प्रशांत और पुष्पा के साथ ही पुष्पा के भतीजे विक्की के शरीर पर भी केरोसिन गिर गया। पुलिस इन्हें पकड़कर कोतवाली ले गई। शांतिभंग की कार्रवाई के बाद सभी को निजी मुचलकों पर छोड़ दिया गया। तीन दिन बाद अब केरोसिन ने साइड इफेक्ट दिखाना शुरू किया है। पुष्पा रानी के शरीर पर कमर व अन्य हिस्सों में फफोले पड़ गए हैं। प्रशांत शर्मा और विक्की के शरीर में भी समस्याएं होने लगी हैं।
बाकरगंज मंदिर के मामले में पुलिस ने समझौते का हरसंभव प्रयास कर लिया पर कुछ लोग माहौल खराब करने पर तुले हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। अब मामले की जांच सीओ मैडम खुद कर रही हैं। थाना पुलिस प्रकरण में दखल नहीं दे रही।
- डीसी शर्मा, इंस्पेक्टर किला