बरेली। थाने में खड़ी रेंजर साइकिल पर जांच के बाद पुलिस ने फैसला सुना दिया है। पुलिस का कहना है कि साइकिल प्रियांशु की है। उदय की चोरी हुई साइकिल दूसरी है। साइकिल मिलते ही प्रियांशु खुशी से चहक उठा, लेकिन उदय मायूस हो गया।
इस रेंजर साइकि ल के मालिकाना हक को लेकर रविवार से ही प्रेमनगर थाने में मंथन चल रहा था। जोशीटोला की शशि अपने बेटे उदय को लेकर यहां आई थीं तो जाटवपुरा के नगर निगम कर्मी सुशील अपने बेटे प्रियांशु को लेकर खड़े थे। रेंजर साइकिल पर दोनों पक्ष दावा जता रहे थे। दोनों पक्षों ने साइकिल खरीद की रसीद भी दिखाई थी। पुलिस ने बताया कि दोनों लोगों के पास साइकिल के साथ उनके फोटो थे। इन्हें बारीकी से चेक किया तो पाया कि दोनों पर लगे स्टीकर में मामूली अंतर है। प्रियांशु की साइकिल पर लगा स्टीकर वही है जो इस साइकिल पर लगा है। उदय की साइकिल पांच जून को चोरी हुई, जबकि प्रियांशु के पड़ोसियों ने बताया कि वह नौ अप्रैल से यही साइकिल चला रहा है। दोनों के फोटो की डेट मोबाइल में देखी तो प्रियांशु के पास मौजूद फोटो की डेट पुरानी निकली। इन बातों से साबित हुआ कि साइकिल प्रियांशु की है। उदय की जो साइकिल चोरी हुई वो किसी और के पास है। दरोगा ने कहा कि अगर उदय की मां चाहेंगी तो वे साइकिल चोरी दर्ज करके जांच कर लेंगे। ब्यूरो