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टेंपो चालक ने नाम नहीं बताया, मेडिकल कॉलेज वालों ने इलाज नहीं किया

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बरेली/ सीबीगंज। टेपों चालक ने अपना नाम, पता नहीं बताया तो दुर्घटना में घायल मजदूर का मेडिकल कॉलेज वालों ने इलाज नहीं किया। इलाज के अभाव में मजदूर ने दम तोड़ दिया। टेंपो चालक ने सही जगह पहुंचाने के बजाय शव हाईवे किनारे पुलिया के नीचे फेंक दिया। सोमवार को सफाई के दौरान मजदूर का सड़ा गला शव मिला।
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सोमवार दोपहर एनएचएआई कर्मचारी सीबीगंज इलाके में टियूलिया गांव अंडरपास और जीरो प्वाइंट के बीच पुलिया के पास सफाई कर रहे थे तो उन्हें बदबू महसूस हुई। उनकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने पुलिया के नीचे देखा तो शव पड़ा था। बाहर निकालने पर शव की पहचान फतेहगंज पश्चिमी के इस्लामनगर निवासी रईस अहमद (40) के रूप में हुई। मौके पर पहुंचे भाई सफी मोहम्मद ने पुलिस को बताया कि रईस अहमद धंतिया गांव के पास स्थित ईंट भट्ठा पर रहकर मजदूरी करते थे। वह ईद पर घर गए थे और उसी शाम को वह भट्ठा जाने को घर से निकले थे। रईस भट्ठा पर नहीं पहुंचे तो उनके गुम होने की सूचना फतेहगंज पश्चिमी थाने में दर्ज कराई गई थी। सीबीगंज पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
परसाखेड़ा चौकी प्रभारी दानवीर सिंह ने बताया कि छानबीन में पता चला कि शंखा नदी पुल पर रईस पीछे से आए टेंपो की टक्कर घायल हो गए थे। वहां आसपास पशु चरा रहे लोगों ने उसी टेंपो में घायल को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया था। वहां फाइल में दर्ज करने को मेडिकल कॉलेज वालों ने टेंपो ड्राइवर से उसका नाम-पता पूछा। ड्राइवर ने अपना नाम नहीं बताया तो वहां उसे भर्ती नहीं किया गया। इलाज न मिलने से रईस की टेंपो में मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज गेट पर लगे सीसीटीवी में टेपों की फुटेज मिले हैं। टेंपो ड्राइवर ने न तो पुलिस को सूचना दी और न घरवालों को बताया। अनुमान है कि टेंपो चालक ने लाश पुलिया के नीचे फेंक गया होगा। हालांकि रईस की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगी।
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