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अपराधियों का अड्डा बनीं मॉडल शॉप और शराब की दुकानें

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बरेली। हाईकोर्ट ने हाईवे किनारे, धार्मिक स्थलों और स्कूल, कॉलेजों के आसपास शराब की दुकान खोलने पर प्रतिबंध लगा रखा है। कई बार शराब की दुकान खोलने के विरोध में धरना प्रदर्शन भी हुए। मगर नियम कानून दरकिनार करके शराब की दुकानें खोल दी गईं। कुछ मॉडल शॉप और शराब की दुकानें तो अपराधियों का अड्डा बन गई हैं। इन दुकानों के आगे खुलेआम लोग जाम लड़ाते दिखते हैं। यहां जमा भीड़ के बीच अपराधी भी छिपे रहते हैं, जो आने जाने वालों पर नजर रखते हैं। आढ़ती राजकुमार कपूर उर्फ राजू की हत्या करने वाले युवक भी मॉडल शॉप के सामने पहले से मौजूद थे। शहर के बीच इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने शराब की दुकानों के आगे जमा होने वाली भीड़ पर नजर रखने को कोई कदम नहीं उठाया।
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करीब सात महीने पहले सुभाषनगर इलाके में बदायूं रोड स्थित पटेल बिहार में शराब की दुकान खोलने जाने पर काफी बवाल हुआ था। महिला जागृत मंच की मनु नीरज ने कई दिन धरना प्रदर्शन किया था। उनका कहना है कि जहां शराब की दुकान खोली जा रही थी वहीं नजदीक में लड़कियों का कॉलेज और बालाजी मंदिर है। मनु नीरज के विरोध करने पर वहां तो शराब की दुकान नहीं खुली, लेकिन वहीं कुछ कदम दूरी पर दूसरी जगह खोल दी गई। किला पुल भी शराब की दुकान खुलने के विरोध में हंगामा हुआ था। इनके अलावा भी शराब की दुकानों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। इसकी वजह यह कि मॉडल शॉप और शराब की दुकानें बस्तियों, धार्मिक स्थलों और स्कूल कॉलेजों के आसपास या बच्चों के आने जाने के रास्ते में खोल दी गईं।
आढ़ती राजकुमार कपूर की हत्या से चार दिन पहले प्रेमनगर थाना क्षेत्र में क्रिस्टल बार के सामने दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इसमें दो लोग बुरी तरह घायल हुए थे। इसमें घायल पक्ष की ओर से नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। डीडीपुरम में एक दूसरी मॉडल शॉप के सामने कई बार मारपीट हो चुकी है। पिछले दिनों बारादरी थाना क्षेत्र में डोहरा रोड पर बनी मॉडल शॉप के सामने कई बार हंगामा हुआ। बारादरी इलाके में क्रिस्टल कॉलोनी में बीसलपुर रोड स्थित शराब की दुकान के आगे सुबह से देर शाम तक लोग खुलेआम शराब पीते हैं। शहर में कई दुकानें धार्मिक स्थल या स्कूल कॉलेजों के आसपास हैं। जहां आए दिन झगड़े होते रहते हैं। मगर पुलिस सख्त कार्रवाई करने के बजाय समझौता करके निपटा देती है।
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