बरेली। डीडीपुरम में लूट की कोशिश के दौरान हुई हत्या में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दूसरे दिन काफी मशक्कत की पर कोई नतीजा नहीं निकल सका। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर क्लू जुटाने की कोशिश की पर कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
एसपी क्राइम रमेश भारतीय के नेतृत्व में काम कर रही संयुक्त टीम ने घटनास्थल के आसपास के कई प्रतिष्ठानों और घरों के सामने लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। इनमें बदमाशों की सीबीजेड बाइक होने की तो पुष्टि हुई पर उस पर नंबर न होने से पुलिस के हाथ खाली रहे। बाइक चला रहा बदमाश हेलमेट लगाए था तो पीछे बैठे दोनों के बदमाशों के चेहरों पर कपड़ा होने से किसी की पहचान नहीं हो सकी। बदमाशों की बाइक मॉडल शॉप से सटी गली में जाती दिखी पर आगे की लोकेशन इसलिए ट्रेस नहीं हो सकी, क्योंकि संबंधित दुकानें बंद थीं। शुक्रवार को वहां फिर चेकिंग की जाएगी। क्राइम ब्रांच की एक टीम ने निजी अस्पताल में भर्ती व्यापारी अर्पित से भी बात की। व्यापारी की हालत अब ठीक है। उन्होंने घटनाक्रम के बारे में बताया। चूंकि छह साल पहले अर्पित के भतीजे माधव का अपहरण उन्हीं के नौकर ने किया था, इसलिए टीम कर्मचारियों का डाटा भी जुटा रही है। उनके नंबरों की जांच के साथ ही उनसे पूछताछ भी की जाएगी। टीम उस नौकर की गतिविधियों की भी जांच कर रही है जिसने उस वक्त अपहरण किया था। वह अब कहीं और काम करता है।
तीन बदमाशों पर कराई रिपोर्ट
मृतक राजकुमार कपूर के भाई मयंक कपूर ने प्रेमनगर थाने में तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या और लूट की कोशिश की रिपोर्ट कराई है। कहा है कि राजकुमार घर लौट रहा था। तभी तीन बदमाश अर्पित से मारपीट और लूट की कोशिश कर रहे थे। उनके भाई ने बचाने की कोशिश की तो उसे गोली मार दी। इससे भाई की मौत हो गई।
सिर में मिली गोली
राजकुमार के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें सिर में दायीं ओर से घुसी गोली बायीं ओर जाकर फंस गई थी। पीतल की गोली पिस्टल से चली लग रही थी। ब्रेन हेमरेज और ज्यादा खून बहने से मौत की पुष्टि हुई।