जबरन धर्मांतरण कराने के संवेदनशील मामले में सिरौली पुलिस की लापरवाही से मुद्दई महेंद्र ही गायब हो गया। भाजपाइयों ने सिरौली पुलिस पर उसे टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को आंवला तहसील में जमकर हंगामा किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीओ आंवला की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। भाजपाइयों का कहना था कि जिस व्यक्ति की जान को खतरा था, उसके अचानक गायब होने के कई मायने हैं। महेंद्र को हर हाल में सामने लाना चाहिए।
नगर पालिका चेयरमैन संजीव सक्सेना, सिंचाई मंत्री के प्रतिनिधि प्रभाकर शर्मा, हिंदू जागरण मंच के नगर अध्यक्ष सभासद रामवीर प्रजापति, ब्लॉक मझगवां के मंडल अध्यक्ष यशपाल सिंह, अलीगंज से धर्मेंद्र गुप्ता, सिरौली से यीशु गुप्ता की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पीड़ित महेंद्र को गायब करने का आरोप लगाते हुए तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। एसडीएम विशु राजा को ज्ञापन देकर उसके साथ अनहोनी की आशंका जताई। कहा, सिरौली पुलिस तो महेंद्र की रिपोर्ट ही दर्ज ही नहीं करना चाहती थी। थाने में महेंद्र को टॉर्चर किया जा रहा था। इसी का नतीजा है कि वह गायब हो गया।
घर पर किया नोटिस चस्पा
सिरौली पुलिस ने महेंद्र के गायब होने के बाद उसके घर पर नोटिस चस्पा कराया है कि वह मेडिकल के लिए पेश हो। बृहस्पतिवार को भी थाना पुलिस महेंद्र की तलाश में लगी रही, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
यह है मामला
सिरौली के मोहल्ला व्यास के तीन भाइयों के खिलाफ भोजीपुरा क्षेत्र के महेंद्र पाल मौर्य ने दोस्ती करके घर लाकर खतना कर देने और घर में बंधक बनाकर जबरन नमाज पढ़वाने और भैंसा का मीट खाने को मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। महेंद्र का आरोप था कि किसी तरह इन लोगों के चंगुल से भागने के बाद वह रिपोर्ट लिखाने पुलिस के पास गया लेकिन उसे थाने से टरका दिया गया। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के हस्तक्षेप के बाद सिरौली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद महेंद्र अचानक गायब हो गया।