बरेली। तीन बहनों के बीच 11 साल का इकलौता भाई लापता हो गया। थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, बार-बार चक्कर काटे लेकिन पुलिस के खुश्क रवैये से अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया कि वह बच्चे का पता लगाने के लिए कुछ कर भी रही है या नहीं। चार साल पहले ऐसे ही पिता लापता हो गए थे, परिवार के लोग थाने-चौकी के चक्कर काटते रहे और फिर कई रोज बाद यह सिलसिला उनकी लाश मिलने के साथ खत्म हुआ। कुछ लोगों से प्रॉपर्टी की रंजिश है, लिहाजा परिवार के लोग बुरी तरह आशंकित हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला संवाददाता ने लापता बच्चे की एक बहन को बदहवासी की हालत में शहर में उसकी गुमशुदगी के पैंफलेट चिपकाते देख पूछताछ की तब यह मामला खुलकर सामने आया।
लापता बच्चे का नाम वंश है जिसका परिवार जाटवपुरा में रहता है। शहर भर में उसकी गुमशुदगी के पोस्टर चिपका रही उसकी बहन कविता विवाहित है और करनाल (पंजाब) में अपनी ससुराल छोड़कर यहां उसकी तलाश में भटक रही है। लोगों की मिन्नतें भी कर रही है कि अगर किसी को उसके भाई का कुछ पता लगे तो उन्हें फोन पर जरूर सूचना दे। कविता ने बताया कि वंश के मुंह में चोट लगी थी। दो फरवरी को उसकी मां निर्मला ने उसे जबरन दवा खिलाई तो वह नाराज होकर घर से निकल गया, तभी से उसका कोई पता नहीं लग पा रहा है। सारी रिश्तेदारियों में ढूंढने के बाद भी वंश कहीं नहीं मिला तो थाना प्रेमनगर जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे कुछ परिवार को कुछ भरोसा बंध सके।
कविता ने बताया कि उसके परिवार का प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। चार साल पहले उसके पिता महेंद्र भी इसी तरह अचानक लापता हो गए थे। परिवार उन्हें कई दिनों तक ढूंढता रहा। पुलिस ने तब भी कोई खास मदद नहीं की थी। फिर एक दिन उनकी लाश मिली। किसी ने उनकी हत्या कर दी थी। यही वजह है कि वंश की गुमशुदगी के बाद पूरा परिवार बुरी तरह घबराया हुआ है। पुलिस कोई खास मदद नहीं कर रही है।
सीसीटीवी में दिखा था वंश
पुलिस की सुस्त कार्रवाई से परिवार काफी असंतुष्ट है। कई तरह की आशंकाएं भी मन में उमड़ रही हैं। कविता के मुताबिक, घर के पास बजरिया में एक घर में लगे सीसीटीवी में शाम करीब छह बजे वंश कॉलोनी से बाहर जाता नजर आया था। पुलिस केवल गुमशुदगी लिखकर बैठ गई है। अगर वह सक्रियता से लगे तो वंश का पता लग सकता है।
- वंश की गुमशुदगी तत्काल दर्ज की गई। डीसीआरबी को फोटो और डिटेल भेजने के बाद सभी 29 थानों में वंश के बारे में जानकारी जुटाने के लिए वायरलेस भी किया है। पुलिस बच्चे की तलाश को पूरे मन से लगी है। - बलवीर सिंह बग्गा, इंस्पेक्टर प्रेमनगर